असम चुनाव में इस बार यूपी की ओर से बम्पर वोटिंग होने की संभावना है. इसकी वजह है कि अचानक लखनऊ की झुग्गियां खाली होने लगी हैं और स्टेशन पर असम जाने वाली ट्रेनों में भीड़ बढ़ने लगी है. ये चुनावी ‘रिवर्स माइग्रेशन’ है, जिसके पीछे कहीं वोट कटने का डर है तो कहीं नागरिकता जाने का. कुछ लोगों का कहना है कि वो स्वेच्छा से जा रहे हैं, लेकिन जाने वालों की भीड़ कुछ ज्यादा उत्साहित करने वाली है.
इन्द्र नगर की झुग्गियों में ज्यादातर लोग या तो असम की ट्रेन पकड़ चुके हैं या अगले दो दिन में जाने की तैयारी कर रहे हैं. इनका कहना है कि वोट डालना बहुत जरूरी है. दबी जुबान में यह भी कहते हैं कि उन्हें डर तो है ही. वैसे ही बांग्लादेशी करार दिया जाता है. वोट भी नहीं डालेंगे तो वो भी खत्म हो जाएगा. लिहाजा परिवार समेत टिकट करवा लिया है और वोट डालने असम जा रहे हैं.।
प्रवासी मजदूरों में डर का माहौल
इसी तरह से रेहाना खातून को लखनऊ में रहते एक दशक से ज्यादा हो गए. उनका कहना है कि इस बार डर के माहौल की वजह से भी लोग ज्यादा जा रहे हैं. लोगों के बीच ये बात फैली है कि वोट न डाला तो वोटर लिस्ट से नाम कट जाएंगे. SIR में वैसे ही बहुतों के नाम कटे हैं.इसी तरह से 22 साल से लखनऊ में रह रहे अब्दुल अली परिवार समेत कल असम की ट्रेन पकड़ने वाले हैं. वोट करने जा रहे हैं. बालों में डाई लगा कर तैयारी कर ली है. इनका कहना है कि डर की तो कोई बात नहीं है, लेकिन वोट देना जरूरी हो गया है इसलिए जा रहे हैं. ये लखनऊ में कबाड़ी का काम करते हैं और परिवार के साथ इन झुग्गियों में रहते हैं.
झुग्गियों में सन्नाटा पसरा, ताले लटके
आधे से ज्यादा प्रवासी मजदूर पहले ही जा चुके हैं. बाकी दो दिन में चले जाएंगे. झुग्गियों की गलियां सुनसान हैं, जो असम के नहीं हैं. वही बच्चे हैं. कुछ परिवार रविवार को चले जाएंगे और 12 अप्रैल के बाद सबका आना शुरू होगा.
लखनऊ के चार बाग स्टेशन के प्लेटफॉर्म-4 पर असम जाने वालों की भीड़ है. सब मतदान करने जा रहे हैं, वोटिंग बहुत जरूरी है बता रहे हैं. अवध असम एक्सप्रेस के इंतजार में सैंकड़ों लोग परिवार समेत स्टेशन पर हैं. जाने वाले प्रवासियों में सबसे ज्यादा बारपेटा और कामरूप जिले के लोग हैं. यूपी सीएम ने बारपेटा में रैली से ही असम चुनाव में प्रचार की शुरुआत की है.
कश्मीर से असम जाने वाली युवती बताती है कि उन्हें डर तो है इसलिए जा रहे हैं इतनी दूर से. पूरी बोगी असम जाने वालों से भरी है और सब वोट देने ही जा रहे हैं.















