मुजफ्फरनगर। गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर नगर में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। नई मंडी क्षेत्र में गणेश जन्मोत्सव का शुभारंभ नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने कलश यात्रा के माध्यम से किया। कलश यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हुए। मंगल गीतों और “गणपति बप्पा मोरया” के जयघोष के साथ पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।पटेलनगर संजय मार्ग स्थित गणेश जन्मोत्सव समिति की ओर से इस बार 19वां गणेश जन्मोत्सव समारोह धूमधाम से मनाया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ 27 अगस्त से हुआ है और यह 4 सितम्बर तक चलेगा। बुधवार की सुबह पटेलनगर स्थित जय मां शक्ति मंदिर परिसर से कलश यात्रा और गणपति स्थापना उत्सव की शुरुआत की गई। इस मौके पर मुख्य अतिथि पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने मंदिर परिसर में विधिविधान से पूजन और आरती करने के बाद कलश यात्रा का शुभारंभ किया। पंडित अवधराज आचार्य द्वारा मंत्रोच्चारण के बीच पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। कलश यात्रा में सैकड़ों भक्तजन शामिल रहे।कलश यात्रा के उपरांत भव्य झांकी भी निकाली गई, जिसने नगरवासियों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। झांकी नई मंडी वकील रोड स्थित बड़ी धर्मशाला तक पहुंची। वहां विधिविधान से गणपति प्रतिमा की स्थापना कर पूजन किया गया। इस अवसर पर मैजिक डांस एकेडमी के बच्चों ने धार्मिक और सांस्कृतिक नृत्य प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कार्यक्रम में जन्मोत्सव समिति के पदाधिकारियों ने पालिकाध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप और अन्य अतिथियों का पटका पहनाकर सम्मान किया।अपने संबोधन में मीनाक्षी स्वरूप ने कहा कि गणेश चतुर्थी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि विघ्नहर्ता गणपति सभी के जीवन से संकटों को दूर करते हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करते हैं। नगर की सुख-शांति, आपसी भाईचारे और समृद्धि के लिए उन्होंने गणपति से आशीर्वाद की कामना की।इस अवसर पर युवा भाजपा नेता विकल्प जैन, संजय कुमार गर्ग, रामपाल तायल, पंकज सिंघल, दिनेश पाल, अंकित गर्ग, समकित जैन, विपिन पाल, देवेन्द्र कुमार बंसल सहित नगर के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गणपति प्रतिमा के दर्शन कर पूजन-अर्चन किया।गणेश जन्मोत्सव समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने नगर में धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण को और भी भव्य बना दिया है। 9 दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में विभिन्न धार्मिक आयोजन, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इसमें भाग लेकर आस्था की गंगा में डुबकी लगाएंगे। नगर के लिए यह पर्व केवल आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक उत्सव का भी प्रतीक है।















