राजधानी दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की मांग जुलाई में बढ़ गई है। इस माह 10,718 इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीकरण दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे अधिक मासिक आंकड़ा है।परिवहन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब दिल्ली सरकार ने नई ईवी नीति को लागू किया है और शहर में चार्जिंग नेटवर्क का तेजी से विस्तार करने की योजना बनाई गई है।
इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड पर क्या बोले एक्सपर्ट?
विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों, पर्यावरण के प्रति बढ़ती जागरुकता तथा इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन की अपेक्षाकृत कम लागत ने लोगों को ईवी खरीदने के लिए प्रेरित किया है। इसके साथ ही सरकार द्वारा प्रस्तावित नई ईवी नीति में चार्जिंग स्टेशन बढ़ाने, आधुनिक चार्जिंग अवसंरचना विकसित करने और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन उपायों का भी सकारात्मक प्रभाव दिखाई देने लगा है।नई नीति के तहत राजधानी में सार्वजनिक और निजी दोनों स्तरों पर चार्जिंग सुविधाओं का व्यापक विस्तार किए जाने की योजना है। इससे ईवी उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी चिंता, यानी चार्जिंग की उपलब्धता, काफी हद तक दूर होने की उम्मीद है। बेहतर चार्जिंग नेटवर्क बनने से लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों का भरोसा भी बढ़ेगा और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने की रफ्तार तेज होगी।परिवहन विशेषज्ञ अनिल छिकारा कहते हैं कि यदि ढांचागत चार्जिंग विकास समयबद्ध तरीके से विकसित होता है और नीति में प्रस्तावित प्रोत्साहन प्रभावी ढंग से लागू किए जाते हैं, तो आने वाले महीनों में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में और तेजी आ सकती है। दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया सभी श्रेणियों में ईवी की मांग बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
किस महीने कितने पंजीकृत हुए ई-वाहन
| क्र.सं. | महीना | पंजीकृत ई-वाहन |
|---|---|---|
| 1 | जनवरी | 6,977 |
| 2 | फरवरी | 4,943 |
| 3 | मार्च | 7,124 |
| 4 | अप्रैल | 7,458 |
| 5 | मई | 8,238 |
| 6 | जून | 8,728 |
| 7 | जुलाई | 10,718 |
| कुल | 54,186 | |























































