रेलवे ने 10 घंटे में बनाया 100 मीटर पुल, अंग्रेजों के समय का बना ब्रिज हटा; बढ़ेगी ट्रेनों की गति

 मुरादाबाद| रेलवे के इंजीनियरिंग कौशल ने एक बार फिर निर्माण से जुड़े कई विभागों को आईना दिखाया है। महज 10 घंटे में अंग्रेजों के समय का पुराना पुल हटाकर 100 मीटर लंबा नया रेलवे पुल तैयार कर दिया।यह पुल मुरादाबाद रेल मंडल के चंदौसी-आंवला रेलखंड पर बिशारतगंज-आंवला स्टेशनों के बीच बनाया गया है। पुराना पुल हाई स्पीड ट्रेनों के लिहाज से जर्जर हो चुका था। यहां से ट्रेनें महज 20 किमी प्रतिघंटा की गति से गुजर रही थीं। रेलवे ने मुख्यालय से अनुमति लेकर पुराने पुल को हटाकर नया पुल स्थापित करने के लिए ब्लॉक लिया। इसके कारण सात ट्रेनें भी प्रभावित हुईं। पुराने पुल को हटाने का काम बृहस्पतिवार सुबह सुबह सात बजे शुरू कर दिया गया।

यह शाम 4:30 बजे तक पूरा होना था लेकिन आधा घंटा लेट हो गया। शाम पांच बजे तक रैलवे ने नया पुल बनाकर तैयार कर दिया। 18-18 मीटर के अंतर से पांच स्थानों पर नए गर्डर स्थापित किए गए। नया रेलवे ट्रैक बिछाया गया। शाम सवा पांच बजे के बाद पहली ट्रेन धीमी गति से गुजारी गई।

इसके बाद पुल को 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेनों के गुजरने के लिए खोल दिया गया। रेलवे के इंजीनियरों का कहना है कि नई पटरियां व स्लीपर ज्यादा वजन के हैं। इससे ट्रेनों को तेज गति से गुजरने में दिक्कत नहीं होगी। मुरादाबाद से बरेली के बीच यात्रा में कम समय लगेगा।

रेलवे पहले भी चंद घंटों में स्थापित कर चुका है पुल
रेलवे ने बेहतरीन इंजीनियरिंग का यह कार्य पहली बार नहीं किया है। साल भर पहले दलपतपुर-रामपुर के बीच बरसाती नदी पर 100 साल पुराना पुल हटाकर नया पुल बनाया गया था। इस पुल की लंबाई 132 मीटर थी। पुराना पुल हटाकर नया पुल स्थापित करने में रेलवे को 14 घंटे का समय लगा था। 300 से ज्यादा कर्मचारियों की मेहनत इसमें लगी थी। विभागीय जानकारों का कहना है कि रेलवे ने यह तकनीकी जापान के इंजीनियरों से सीखी है।

ये ट्रेनें रहीं प्रभावित
(04366-65) बरेली-मुरादाबाद-बरेली पैसेंजर, (04377-78) बरेली-अलीगढ़-बरेली पैसेंजर चार अप्रैल को रद्द रही। (04303) बरेली-दिल्ली पैसेंजर चार अप्रैल को मुरादाबाद से चलाई गई। (15529) सहरसा-आनंद विहार एक्सप्रेस तीन अप्रैल को चंदौसी न होकर बरेली-रामपुर होकर मुरादाबाद पहुंची। (12035) टनकपुर-दिल्ली एक्सप्रेस चार अप्रैल को दो घंटे देरी से चली। (12036) दिल्ली-टनकपुर एक्सप्रेस चार अप्रैल को साढ़े चार घंटे देरी से चली।

पुराना पुल नई ट्रेनों के लिए उपयुक्त नहीं था। इस रेलखंड में ट्रेनों की गति बढ़ाने के लिए नया पुल स्थापित किया गया है। अब इस सेक्शन में 20 किमी प्रतिघंटा का प्रतिबंध हट जाएगा। बरेली की यात्रा में कुछ मिनट कम लगेंगे।

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