कतर ने बुधवार को ईरान के मिलिट्री और सिक्योरिटी अटैशे को ‘पर्सोना नॉन ग्राटा’ घोषित कर दिया और उन्हें 24 घंटे के अंदर देश छोड़ने का आदेश दिया. ईरान ने आज रात कतर की LNG सिटी पर हमला किया, जिसके बाद गैस और तेल के दामों में उछाला देखा गया है और ये युद्ध अब ऊर्जा युद्ध की ओर बढ़ता दिख रहा है.कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह फैसला देश पर ईरान के बार-बार होने वाले हमलों का नतीजा है, जिसमें बुधवार को कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल शहर को निशाना बनाकर किया गया हमला भी शामिल है.
Qatar Declares Iranian Embassy Military, Security Attaches “Persona Non Grata”
Doha | March 18, 2026
The Ministry of Foreign Affairs delivered an official note to the Embassy of the Islamic Republic of Iran to the State, stating that Qatar considers both the military attache… pic.twitter.com/yQachiM7Pk
— Ministry of Foreign Affairs – Qatar (@MofaQatar_EN) March 18, 2026
मंत्रालय ने कहा कि उसने ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट भेजा है, जिसमें कहा गया है कि उन दो अटैची के अलावा उनके स्टाफ का भी अब देश में स्वागत नहीं है.
हमले के बाद कतर ने क्या कहा?
कतर न्यूज़ एजेंसी ने बताया, “मंत्रालय ने साफ किया कि यह फैसला कतर राज्य के खिलाफ ईरान के बार-बार निशाना बनाने और खुलेआम आक्रामकता के जवाब में लिया गया है, जिससे उसकी संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन हुआ है.” इसमें आगे कहा गया कि ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानून, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 2817 और अच्छे पड़ोसी होने के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन हैं.
ईरान को मिल सकता है कड़ा जवाब
दोहा ने यह भी चेतावनी दी कि ईरान के लगातार हमलों का जवाब और भी कड़े कदमों से दिया जाएगा, “इस तरह से कि उसकी संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा सुनिश्चित हो सके.” बयान में मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि कतर राज्य के पास अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक अपनी संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित है.















