मुजफ्फरनगर के निरीक्षण भवन, लोक निर्माण विभाग परिसर में राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश की सदस्य सपना कश्यप की अध्यक्षता में महिलाओं से जुड़े मामलों को लेकर जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं और परिजनों द्वारा अपनी समस्याएं और शिकायतें आयोग के समक्ष रखीं। इस अवसर पर कुल 14 प्रार्थना पत्र एवं शिकायत पत्र प्राप्त हुए, जिनका गंभीरता से संज्ञान लेते हुए उन्हें संबंधित विभागों के अधिकारियों को प्रेषित किया गया। साथ ही सभी मामलों के शीघ्र, निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण के लिए आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश भी दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान पूर्व में प्राप्त प्रकरणों की भी समीक्षा की गई। लंबित मामलों की प्रगति पर संबंधित विभागों से जवाब तलब किया गया और जहां देरी पाई गई, वहां जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सपना कश्यप ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, दहेज, पारिवारिक विवाद, उत्पीड़न और सामाजिक अन्याय से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य महिला आयोग का उद्देश्य महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना और उन्हें सशक्त बनाना है।जनसुनवाई के दौरान बाल विवाह मुक्त भारत के 100 दिवसीय अभियान पर भी विशेष जोर दिया गया। इस अभियान के अंतर्गत सपना कश्यप ने जनपदवासियों से अपील की कि वे मुजफ्फरनगर को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने में सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य, स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए भी गंभीर खतरा है। समाज के हर वर्ग को आगे आकर बाल विवाह जैसी कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठानी होगी और प्रशासन को समय रहते सूचना देकर ऐसे मामलों को रोकना होगा।
जनसुनवाई के उपरांत राज्य महिला आयोग की सदस्य द्वारा जिला महिला चिकित्सालय, मुजफ्फरनगर का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, महिला मरीजों के लिए व्यवस्थाओं, साफ-सफाई, दवाओं की उपलब्धता और स्टाफ की कार्यप्रणाली का जायजा लिया। आवश्यक सुधारों को लेकर संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।इस जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक में महिला कल्याण विभाग, पुलिस विभाग, आपूर्ति विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, कारागार विभाग सहित अन्य विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। सभी विभागों के बीच आपसी समन्वय पर भी चर्चा की गई, ताकि महिलाओं से जुड़े मामलों का समयबद्ध समाधान हो सके। कार्यक्रम के अंत में जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और उपस्थित जनसाधारण का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।















