सिरोही जिले में तंबाकू मुक्त युवा अभियान 3.0 के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक जनजागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं और समुदाय को तंबाकू सेवन के दुष्परिणामों से अवगत कराना तथा नशामुक्त समाज की स्थापना करना है। विभाग की ओर से आशा कार्यकर्ताओं को नारा लेखन, रैलियों, दीवार लेखन और घर-घर संपर्क के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। आशा कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी इलाकों में जाकर तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर, हृदय रोग, दांतों की क्षति और फेफड़ों की बीमारियों के बारे में जानकारी दे रही हैं। वे विद्यार्थियों से संवाद कर उन्हें नशे से दूर रहने और दूसरों को भी इसके दुष्परिणामों के बारे में बताने के लिए प्रेरित कर रही हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य केवल युवाओं को नशे से दूर रखना नहीं, बल्कि स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि तंबाकू सेवन हर वर्ष हजारों लोगों की जान लेता है, इसलिए युवाओं को इस दिशा में अग्रणी भूमिका निभानी होगी। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस. पी. शर्मा ने कहा कि तंबाकू में मौजूद निकोटिन जैसी नशे की सामग्री शरीर और मस्तिष्क पर दीर्घकालिक प्रभाव डालती है। अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। COTPA Act, 2003 के तहत गोयली चौराहे पर निरीक्षण के दौरान चेतावनी बोर्ड न लगाने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की गई। विभाग ने लोगों से अपील की कि वे तंबाकू मुक्त जीवनशैली अपनाएँ और “तंबाकू मुक्त सिरोही, स्वस्थ सिरोही” के लक्ष्य को साकार करें।















