बाँदा। जनपद में विकास कार्यों के साथ-साथ विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को लेकर आवाज बुलंद होने लगी है। सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप सिंह ने बाँदा प्रशासन से मांग की है कि अतिक्रमण हटाने और सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दौरान उजड़ने वाले हर परिवार को सम्मानजनक जीवन और उचित मुआवजा दिया जाए।दिलीप सिंह ने कहा कि सड़क बन, शहर संवरें यह अच्छी बात है। लेकिन विकास की आड़ में किसी गरीब की छत नहीं छिननी चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास और मानवता साथ-साथ चलनी चाहिए।
उन्होंने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं है। ध्वस्तीकरण से पहले हर प्रभावित परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराया जाए।तोड़ी गई संपत्ति का बाजार भाव के अनुसार मुआवजा दिया जाए। बच्चों की शिक्षा और परिवार के रोजगार को प्राथमिकता दी जाए।दिलीप सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कोई बेघर न रहे, यही हमारा संकल्प है। अगर पीड़ित परिवारों को समय रहते न्याय नहीं मिला तो वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।उन्होंने कहा कि वह हर बेघर परिवार के सम्मान और अधिकार की लड़ाई में उनके साथ खड़े हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह संवेदनशीलता के साथ इस मुद्दे का समाधान निकाले।















