मुजफ्फरनगर के चरथावल क्षेत्र के मथुरा गांव निवासी बबलू कश्यप की ईंट-भट्टे पर हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु के मामले को लेकर चल रहा धरना-प्रदर्शन प्रशासन के आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। मृतक के परिजन और किसान यूनियन के पदाधिकारी कई मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस लगातार मामले पर नजर बनाए हुए थे। बुधवार को तहसीलदार राधेश्याम गौड़ एवं नायब तहसीलदार सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और मृतक के परिजनों तथा किसान यूनियन के प्रतिनिधियों से विस्तृत वार्ता की। बातचीत के दौरान प्रशासन ने मृतक परिवार को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया।
वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच सहमति बनी, जिसके तहत ईंट-भट्टा मालिक द्वारा मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, जबकि जिला प्रशासन की ओर से 5 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा मृतक के बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें 18 वर्ष की आयु तक प्रति माह 4-4 हजार रुपये पेंशन दिलाने का आश्वासन दिया गया। परिवार को अंत्योदय राशन कार्ड जारी कराने तथा मृतक की पत्नी को विधवा पेंशन योजना का लाभ दिलाने की भी बात कही गई। प्रशासन ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने का भरोसा दिया।
प्रशासन की ओर से मांगों पर सकारात्मक रुख अपनाने और अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बाद किसान यूनियन पदाधिकारियों एवं परिजनों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त करने की घोषणा कर दी। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, ताकि मृत्यु के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके। मौके पर किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए चरथावल कोतवाली पुलिस सहित प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के बाद परिजनों ने उम्मीद जताई कि उन्हें न्याय और सरकारी सहायता समय पर प्राप्त होगी।















