सिरोही।
सिरोही व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण एसोसिएशन ने जिले में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों के अनुबंध की अवधि बढ़ाने और वेतन भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने की मांग की है। वरिष्ठ कर्मचारी नेता गोपाल सिंह राव के नेतृत्व में एसोसिएशन ने जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी के माध्यम से राज्य परियोजना निदेशक, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर को ज्ञापन भेजा।
राव के अनुसार सिरोही जिले के राजकीय विद्यालयों में 110 व्यावसायिक प्रशिक्षक केंद्र प्रवृत्त व्यावसायिक शिक्षा योजना के अंतर्गत कार्यरत हैं। ये प्रशिक्षक पिछले 11 वर्षों से समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत सेवा प्रदाता एजेंसियों के माध्यम से विद्यार्थियों को कौशल आधारित व्यावसायिक शिक्षा देकर उन्हें हुनरमंद बना रहे हैं। यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ की गई केंद्र प्रवृत्त योजना का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देना है।
ज्ञापन में बताया गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत 2030 तक सभी माध्यमिक विद्यालयों को व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने का लक्ष्य है, लेकिन जिले में कार्यरत व्यावसायिक प्रशिक्षकों का अनुबंध 30 सितंबर 2025 को समाप्त हो रहा है। अनुबंध पूर्ण होने के बाद नई एजेंसी के चयन में चार से छह महीने का समय लग जाता है, जिससे प्रशिक्षक बेरोजगार हो जाते हैं और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित होती है।
संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि अनुबंध देने वाली एजेंसियां प्रशिक्षकों का शोषण करती हैं। केंद्र सरकार ने 2025-26 सत्र के लिए प्रति प्रशिक्षक ₹23,500 मासिक मानदेय स्वीकृत किया है, लेकिन वर्तमान में केवल ₹22,000 ही भुगतान किया जा रहा है। शेष राशि एजेंसियां हैंडलिंग चार्ज के नाम पर कमीशन के रूप में लेती हैं, जिससे सरकार को प्रतिवर्ष छह करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो रहा है।
एसोसिएशन ने मांग की कि व्यावसायिक प्रशिक्षकों का अनुबंध निरंतर किया जाए और पंचायत राज शिक्षकों की तरह उनका मानदेय सीधे जिला शिक्षा कार्यालय के माध्यम से दिया जाए। संगठन ने यह भी बताया कि राज्य परियोजना निदेशक को कई बार समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है।
राव ने बताया कि यह ज्ञापन क्षेत्रीय सांसद लुम्बाराम चौधरी, राज्य मंत्री ओटाराम देवासी और भाजपा जिला अध्यक्ष डॉ. रक्षा भंडारी को भी सौंपा जाएगा। ज्ञापन कार्यक्रम में कीर्ति कुमार सोलंकी, कैलाश कुमार, गोपाल सिंह देवड़ा, राजेंद्र कुमार प्रजापत और राकेश कुमार भी उपस्थित रहे।















