हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) को लेकर तैयारी तेज हो चुकी है। राज्य भर में चुनाव आयोग ने सभी बीएलओ (बूथ स्तर अधिकारी) को पुराने रिकॉर्ड के साथ मतदाता सूची के मिलान का महत्वपूर्ण टास्क सौंप दिया है।इसका उद्देश्य मतदाता सूचियों में लंबित गड़बड़ियों को दूर करना, अपात्र नाम हटाना और नए पात्र मतदाताओं को शामिल करना है, ताकि आगामी चुनावों में सटीक एवं अद्यतन मतदाता सूची उपलब्ध हो सके।
मतदाता सूचियों का मिलान तेजी से चल रहा
फरीदाबाद जिले की सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में मतदाता सूचियों का मिलान तेजी से चल रहा है। इस प्रक्रिया में चुनाव कानूनगो, सुपरवाइजर और बीएलओ की टीमें घर-घर जाकर और बूथवार दस्तावेजों के आधार पर रिकॉर्ड जांच रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, कई विधानसभा क्षेत्रों में वर्ष 2002 की मतदान सूचियों का मिलान वर्ष 2024 की सूचियों के साथ किया जा चुका है। इस प्रक्रिया में जिन मतदाताओं के नाम दोनों वर्षों की सूचियों में मेल नहीं खा रहे हैं, या जिनकी जानकारी स्पष्ट नहीं है, ऐसे सभी नामों की एक अलग सूची बनाई जा रही है।
बीएलओ को दिए गए निर्देश
बीएलओ को निर्देश दिया गया है कि वे मतदाता सूचियों के सत्यापन के दौरान यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और अपात्र या दोहरी प्रविष्टि वाले नाम हटाए जा सकें। इसके तहत मृतक, स्थानांतरित या लंबे समय से अनुपस्थित मतदाताओं की प्रविष्टियों की भी जांच की जा रही है। फरीदाबाद की सभी विधानसभा एनआईटी, बड़खल, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, पृथला और तिगांव में यह कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि फील्ड सत्यापन के बाद तैयार की जा रही सभी सूचियां हरियाणा मुख्य निर्वाचन आयोग को भेजी जाएंगी। आयोग इन सूचियों की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश जारी करेगा।















