राजधानी में बढ़ते प्रदूषण की समस्या को नियंत्रित करने के उद्देश्य से ड्रोन के जरिए प्रदूषण की निगरानी के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत ड्रोन का उपयोग वायु गुणवत्ता और हानिकारक गैसों के स्तर को मॉनिटर करने के लिए किया जाएगा।ड्रोन तकनीक की मदद से प्रदूषण के स्रोतों का पता लगाया जा सकेगा, जैसे कि औद्योगिक क्षेत्र, कचरे को जलाना, और यातायात से उत्पन्न होने वाला धुआं। इससे प्रशासन को सही समय पर कार्रवाई करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, यह प्रणाली वास्तविक समय में डेटा संकलन कर प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने की दिशा में सक्षम बनाएगी।प्रोजेक्ट का उद्देश्य विशेषकर उन क्षेत्रों पर नजर रखना है जहां प्रदूषण का स्तर अधिक रहता है। भविष्य में, इस तकनीक को अन्य प्रमुख शहरों में भी लागू करने की योजना बनाई जा रही है।















