अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि अयोध्या में कांवड़ यात्रा से पहले होटल और ढाबों के नेम प्लेट को लेकर सियासत और बहस तेज हो गई है. मंत्री कपिल देव अग्रवाल के उस बयान पर अब अयोध्या के संतों की भी प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि किसी भी प्रतिष्ठान का नाम ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति बने. साथ ही यदि कोई ढाबा या होटल मांसाहारी भोजन परोसता है, तो इसकी स्पष्ट जानकारी बाहर लिखी जानी चाहिए.
सरकार के फैसले का संतों ने किया स्वागत
कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच मंत्री कपिल देव अग्रवाल के बयान का अयोध्या के संतों ने स्वागत किया है. रामादल ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत हल्की राम ने कहा कि सभी भोजनालय संचालकों को स्वेच्छा से अपनी दुकानों पर स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए कि उनका प्रतिष्ठान शाकाहारी है या मांसाहारी. उनका कहना है कि इससे भ्रम की स्थिति खत्म होगी, विवादों की आशंका कम होगी और समाज में वैमनस्यता भी नहीं फैलेगी.महंत कल्की राम ने सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को स्वागत योग्य बताते हुए कहा कि उनका सख्ती से पालन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अयोध्या समेत कई स्थानों पर दुकानदार पहले से ही अपनी दुकानों पर शुद्ध शाकाहारी या मांसाहारी लिखते हैं. उनके अनुसार, कांवड़ यात्रा भगवान शिव को समर्पित आस्था का महापर्व है और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए.
कांवड़ यात्रा की तैयारियों के बीच मंत्री कपिल देव अग्रवाल के बयान का अयोध्या के संतों ने स्वागत किया है. रामादल ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत हल्की राम ने कहा कि सभी भोजनालय संचालकों को स्वेच्छा से अपनी दुकानों पर स्पष्ट रूप से लिखना चाहिए कि उनका प्रतिष्ठान शाकाहारी है या मांसाहारी. उनका कहना है कि इससे भ्रम की स्थिति खत्म होगी, विवादों की आशंका कम होगी और समाज में वैमनस्यता भी नहीं फैलेगी.महंत कल्की राम ने सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों को स्वागत योग्य बताते हुए कहा कि उनका सख्ती से पालन होना चाहिए. उन्होंने कहा कि अयोध्या समेत कई स्थानों पर दुकानदार पहले से ही अपनी दुकानों पर शुद्ध शाकाहारी या मांसाहारी लिखते हैं. उनके अनुसार, कांवड़ यात्रा भगवान शिव को समर्पित आस्था का महापर्व है और श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए.
संतों की दुकानदारों से अपील
वहीं, डॉ. देवेशाचार्य ने भी मंत्री कपिल देव अग्रवाल के बयान का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा श्रद्धा, शुचिता और धार्मिक अनुशासन से जुड़ी यात्रा है. ऐसे में यदि किसी प्रतिष्ठान के नाम से भ्रम पैदा होता है और श्रद्धालु अनजाने में ऐसी जगह चले जाते हैं जो उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है, तो उनकी भावनाएं आहत हो सकती हैं. उन्होंने दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठान की प्रकृति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की अपील की.संत सीता राम दास ने भी मंत्री के बयान को सराहनीय बताते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान करोड़ों श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के लिए निकलते हैं. ऐसे में किसी भी प्रतिष्ठान का नाम ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हो. उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल का वे समर्थन करते हैं.
वहीं, डॉ. देवेशाचार्य ने भी मंत्री कपिल देव अग्रवाल के बयान का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा श्रद्धा, शुचिता और धार्मिक अनुशासन से जुड़ी यात्रा है. ऐसे में यदि किसी प्रतिष्ठान के नाम से भ्रम पैदा होता है और श्रद्धालु अनजाने में ऐसी जगह चले जाते हैं जो उनकी धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप नहीं है, तो उनकी भावनाएं आहत हो सकती हैं. उन्होंने दुकानदारों से अपने प्रतिष्ठान की प्रकृति स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने की अपील की.संत सीता राम दास ने भी मंत्री के बयान को सराहनीय बताते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान करोड़ों श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के लिए निकलते हैं. ऐसे में किसी भी प्रतिष्ठान का नाम ऐसा नहीं होना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित हो. उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल का वे समर्थन करते हैं.















