गुजरात में बढ़ते नशे और अपराध पर राजनीतिक संग्राम तेज

गुजरात में नशे, अवैध शराब और बढ़ते अपराध को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्ष लगातार राज्य सरकार पर निशाना साध रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपनी ‘जन आक्रोश यात्रा’ के दौरान सामने आए मुद्दों पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं उनसे मिलीं और अपने क्षेत्रों में बढ़ती असुरक्षा की स्थिति के बारे में विस्तार से बताया। महिलाओं के अनुसार राज्य में ड्रग्स का फैलता नेटवर्क, अवैध शराब की बिक्री और बढ़ती आपराधिक गतिविधियां उनके और उनके परिवारों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। उनका कहना है कि हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि युवा नशे के गर्त में जा रहे हैं और परिवारों पर इसका भारी प्रभाव पड़ रहा है।

राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात वह धरती है, जिसने देश को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया। महात्मा गांधी और सरदार पटेल जैसे महान नेताओं का संदेश आज भी यहां की मिट्टी में बसता है। लेकिन हाल के वर्षों में राज्य की पहचान पर एक काली छाया पड़ती दिखाई दे रही है। प्रदेश के युवाओं को शिक्षा, रोजगार और सुरक्षित माहौल देने के बजाय उन्हें अपराध और ड्रग्स की अंधेरी दुनिया में धकेला जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि नशाखोरी और अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने में सरकार नाकाम रही है और इसके पीछे सत्ता संरक्षण की आशंका भी जताई जा रही है। महिलाओं ने उनसे कहा कि वे अपने घरों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर पहले से कहीं अधिक चिंतित हैं, लेकिन स्थानीय प्रशासन उनकी शिकायतों पर ध्यान नहीं देता।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के कई हिस्सों में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि आम लोग दिन-प्रतिदिन असुरक्षा महसूस कर रहे हैं। राहुल गांधी ने सरकार से मांग की कि ड्रग्स माफियाओं और अवैध शराब नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि युवाओं और महिलाओं को सुरक्षित वातावरण मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस समस्या पर काबू नहीं पाया गया तो इसके गंभीर सामाजिक परिणाम सामने आएंगे। कांग्रेस नेता ने साफ कहा कि जनता की आवाज़ ही उनकी यात्रा की ताकत है और वे गुजरात के लोगों की सुरक्षा और सम्मान के सवाल को संसद से सड़क तक मजबूती से उठाते रहेंगे।

‘गुजरात के गद्दारों को क्यों बचाया जा रहा?’

राहुल गांधी ने कहा कि गुजरात पूछ रहा है. BJP सरकार चुप क्यों है? वह कौन BJP मंत्री है जिसके संरक्षण में यह सब चल रहा है? गुजरात के गद्दारों को क्यों बचाया जा रहा है? एक और बड़ा मुद्दा जो यात्रा के दौरान हर बैठक में सामने आया, वह किसानों का है. हाल की भीषण बाढ़ ने हजारों गुजराती परिवारों को तबाह कर दिया और किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं. जब मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो राहत पैकेज की बातों की रट रुकती नहीं थी.

उन्होंने कहा कि आज गुजरात डूबा है, डबल इंजन सरकार है, वे प्रधानमंत्री हैं, और न पर्याप्त राहत दिख रही है, न संवेदना. गुजरात में भयानक जनाक्रोश है. हर परिवार अपने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित है. हर परिवार पूछ रहा है, किसानों का कर्ज़ माफ़ क्यों नहीं किया, ड्रग्स का कारोबार साफ़ क्यों नहीं किया? कांग्रेस जनता की बात सुनती रहेगी और BJP सरकार की नाकामी और भ्रष्टाचार को लगातार उजागर करती रहेगी.

जन आक्रोश यात्रा गुजरात में

गुजरात कांग्रेस ने 21 नवंबर को अपनी 60 दिन की ‘जन आक्रोश यात्रा’ शुरू की है. इसका मकसद किसानों, युवाओं या पिछड़े समुदायों की किसी भी समस्या को सामने लाना है. यह यात्रा उत्तर गुजरात के धीमा से शुरू हुई और अपने पहले चरण में 7 जिलों, 40 तालुकों, 12 शहरों से होकर गुजरेगी. यात्रा का पहला चरण 3 दिसंबर को 1,100 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद खत्म होगा.

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