राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 156वीं जयंती के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें राजघाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की. प्रधानमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर विजय घाट जाकर उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की. उन्होंने कहा कि गांधी जयंती हमें प्रिय बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिनके आदर्शों ने मानव इतिहास की दिशा बदल दी.प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने दिखाया कि साहस और सादगी कैसे बड़े परिवर्तन के साधन बन सकते हैं. वे सेवा और करुणा की शक्ति को लोगों को सशक्त बनाने के आवश्यक साधन मानते थे. हम विकसित भारत के निर्माण की अपनी खोज में उनके मार्ग का अनुसरण करते रहेंगे.
जय जवान जय किसान के नारे ने देशभक्ति को जगाया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी एक असाधारण राजनेता थे, जिनकी निष्ठा, विनम्रता और दृढ़ संकल्प ने भारत को मजबूती प्रदान की. खासकर चुनौतीपूर्ण समय में उनके संकल्पों से देश को मजबूती मिली. उन्होंने अनुकरणीय नेतृत्व, ताकत और निर्णायक कार्रवाई का प्रतीक प्रस्तुत किया. उनके ‘जय जवान जय किसान’ के नारे ने हमारे लोगों में देशभक्ति की भावना को प्रज्वलित किया. वे हमें एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के प्रयास में प्रेरित करते रहते हैं
आंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस
हर साल 2 अक्टूबर को विश्व महात्मा गांधी की जयंती मनाई जाती है. वे इतिहास के महान नेताओं में से एक हैं. देश में उनके जन्म दिवस को जयंती के रूप में मनाया जाता है जबकि विश्व भर में इसे अंतरराष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया जाता है. यह वैश्विक आयोजन 2007 में संयुक्त राष्ट्र की ओर से 140 से ज्यादा देशों के समर्थन से स्थापित किया गया था.















