उत्तर प्रदेश विधानसभा के पावन सदन में किसान मसीहा और भारत के पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह को स्मरण करते हुए पंकज मलिक ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व और सौभाग्य का विषय है कि उन्हें उसी सदन में खड़े होकर बोलने का अवसर मिला, जहां से चौधरी चरण सिंह ने किसानों की आवाज को मजबूती दी, युवाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने वाली राजनीति की मिसाल कायम की।
पंकज मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि चौधरी चरण सिंह का पूरा जीवन किसानों, मजदूरों और आम जन के हितों को समर्पित रहा। उन्होंने हमेशा सत्ता को सेवा का माध्यम माना और शोषित, वंचित व मेहनतकश वर्ग के हक की लड़ाई लड़ी। चौधरी साहब के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने अपने समय में थे, और वर्तमान सरकार व जनप्रतिनिधियों को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि चौधरी चरण सिंह के आदर्शों पर चलते हुए उन्होंने सदन में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए और सरकार से अपेक्षा की कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए ठोस और प्रभावी निर्णय ले। पंकज मलिक ने विशेष रूप से प्रदेश के युवाओं के भविष्य पर चिंता जताते हुए कहा कि युवाओं को स्थायी और सम्मानजनक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। बिना रोजगार के युवा वर्ग हताशा और असंतोष की ओर बढ़ता है, जिसका सीधा असर समाज पर पड़ता है।
उन्होंने गन्ना किसानों के साथ हो रही घटतौली का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया और कहा कि यह किसानों के साथ अन्याय है। इस पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसानों को उनके पसीने की पूरी कीमत मिल सके। इसके साथ ही नकली खाद और कीटनाशक दवाइयों के बढ़ते कारोबार पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे किसानों की आय और जमीन दोनों के लिए घातक बताया और इस पर पूरी तरह रोक लगाने की मांग की।
पंकज मलिक ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का वास्तविक और लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए एक ठोस, व्यावहारिक और दीर्घकालिक नीति बनाई जानी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि सरकार ईमानदारी से चौधरी चरण सिंह के विचारों को अपनाए, तो किसान, युवा और आम जन सभी का भविष्य सुरक्षित और समृद्ध हो सकता है।
















