राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की जयंती पर नेत्र परीक्षण शिविर, सौ से अधिक मरीजों का हुआ इलाज

औरैया। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 139वीं जयंती और प्रसिद्ध दंत चिकित्सक स्व. डॉक्टर योगेश चंद्र गुप्ता की पुण्य स्मृति में गहोई वैश्य युवा समिति द्वारा रविवार को एक निशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल समाज सेवा का उदाहरण बना, बल्कि साहित्यिक गौरव को भी सम्मान देने का अवसर रहा। शिविर में शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए हुए एक सैकड़ा से अधिक मरीजों का नि:शुल्क नेत्र परीक्षण किया गया, जिसमें मरीजों को दवाएं और चश्मे भी निशुल्क वितरित किए गए।

शिविर की शुरुआत राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने उनके जीवन और साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला। गंगा जमुना क्षेत्रीय सभा के अध्यक्ष विनीत रूसिया ने उन्हें अपना आदर्श बताते हुए कहा कि मैथिलीशरण गुप्त हिंदी साहित्य की खड़ी बोली के सशक्त कवि थे, जिन्हें साहित्य जगत में ‘दद्दा’ के नाम से जाना जाता है। अध्यक्ष विकास लोहिया ने उन्हें युग पुरुष बताते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया।

मंत्री राकेश तरसोलिया ने राष्ट्रकवि के साहित्यिक योगदान और जीवन प्रसंगों की जानकारी दी और कहा कि गुप्त जी जैसे महान पुरुषों को सदैव स्मरण किया जाता रहेगा। कार्यक्रम के दौरान समाज के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें वृंदावन कसवार, संजीव कनकने, कोषाध्यक्ष आनंद बरसैंया, डॉक्टर अतुल रूसिया, शीबू गहोई, विमल गहोई, राममोहन सेठ, श्याम बरसैंया, अखिलेश कनकने, मनीष गुप्ता, अर्पित कस्वार, अंकित तरसोलिया और मुकेश तरसौलिया प्रमुख रूप से शामिल रहे।

इस आयोजन ने सामाजिक एकता, साहित्यिक स्मृति और जन सेवा को एक साथ जोड़ते हुए एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।

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