मुजफ्फरनगर। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) मुजफ्फरनगर के सभागार में “जनपदीय बाल उत्सव एवं सम्मान समारोह 2025-26” का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उनके साथ विश्व दीपक त्रिपाठी प्राचार्य डायट, राजीव कुमार प्रवक्ता डायट, संदीप कुमार जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अंकुर कुमार तथा एआरपी उषा रानी सहित अनेक शिक्षाविद् एवं शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया, जिसके बाद सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रतियोगिताओं का सिलसिला शुरू हुआ।
मुख्य अतिथि मीनाक्षी स्वरूप ने अपने संबोधन में बच्चों के आत्मविश्वास, विचारों की स्पष्टता और अभिव्यक्ति की शैली की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा प्रस्तुत विचारधाराएं और उनका बोलने का तरीका अत्यंत प्रभावशाली रहा, जिसे सुनकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने शिक्षा के अधिकार को सभी के लिए समान बताते हुए कहा कि चाहे लड़का हो या लड़की, सभी को समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे नियमित रूप से अध्ययन करें, अपने गुरुओं और माता-पिता का सम्मान करें तथा उनकी आज्ञा का पालन करें, यही सफलता की कुंजी है। उन्होंने स्वच्छता और हाइजीन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि घर और आसपास की साफ-सफाई पर ध्यान देना आवश्यक है। यदि कहीं सफाई से संबंधित समस्या हो तो नगर पालिका से संपर्क किया जा सकता है, क्योंकि नगर को स्वच्छ और स्वस्थ बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
उत्सव के दौरान जिला स्तरीय “मेरे बदलाव की कहानी” और “कॉमिक मेकिंग” प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें जनपद के विभिन्न विकास खंडों से आए छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने अपनी रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और सामाजिक जागरूकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। निर्णायक मंडल द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया गया और विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। चयनित पांच कॉमिक बुक और पांच “मेरे बदलाव की कहानी” प्रविष्टियां आगामी दिनों में मंडल स्तर पर प्रस्तुत की जाएंगी, जहां से चयनित प्रतिभागी प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।कार्यक्रम में अध्यापकों, जनपद स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स तथा मीना मंच कार्यक्रम से जुड़े नोडल शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और योगदान के लिए सम्मानित किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि बाल उत्सव विद्यार्थियों में स्वाभिमान, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति की क्षमता को विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान करते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। पूरे कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, ऊर्जा और सकारात्मकता से भरपूर रहा।















