गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) ने तुलसी निकेतन के करीब 400 फ्लैटों को जर्जर स्थिति के चलते खाली कराने का आदेश जारी किया है। लगातार बारिश के दौरान छज्जे और लेंटर गिरने जैसी घटनाओं के बाद यह कार्रवाई की गई। अधिकारियों का कहना है कि इन भवनों में रहना खतरे से खाली नहीं है। तुलसी निकेतन के सभी फ्लैट पहले ही जर्जर घोषित किए जा चुके हैं और इन्हें गिराकर नए फ्लैट बनाने की प्रक्रिया लंबित है। इसी तरह इंदिरा कुंज में भी जर्जर भवनों की पहचान की जा रही है। जीडीए ने कुछ मकानों को खाली कराने के साथ ही मरम्मत का नोटिस भी दिया है। हालांकि, तुलसी निकेतन के निवासी मकान खाली करने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि फ्लैटों की दुर्दशा के लिए जीडीए ही जिम्मेदार है और अब बिना कोई विकल्प बताए नोटिस चस्पा कर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकते। लोगों का सवाल है कि अगर वे मकान छोड़ दें तो जाएं कहां।















