OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन के सैन फ्रांसिस्को स्थित आवास पर शुक्रवार तड़के एक अज्ञात हमलावर ने ‘मोलोटोव कॉकटेल’ (पेट्रोल बम) से हमला किया। सैन फ्रांसिस्को पुलिस विभाग (SFPD) के अनुसार, यह घटना सुबह लगभग 4:12 बजे हुई, जब संदिग्ध ने ऑल्टमैन के नॉर्थ बीच वाले घर के बाहरी गेट पर एक ज्वलनशील उपकरण फेंका और वहां से फरार हो गया।इस हमले के कारण घर के प्रवेश द्वार पर मामूली आग लग गई, हालांकि किसी के घायल होने की कोई खबर नहीं है।
हिरासत में 20 वर्षीय युवक
इस हमले के कुछ ही समय बाद, लगभग 5:07 बजे, उसी संदिग्ध ने सैन फ्रांसिस्को के थर्ड स्ट्रीट स्थित OpenAI के मुख्यालय को भी निशाना बनाने की कोशिश की। वहां पहुंकर उसने इमारत को आग लगाने की धमकी दी, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक 20 वर्षीय युवक को हिरासत में लिया। प्राथमिक जांच के बाद पुलिस ने पुष्टि की है कि यह वही व्यक्ति था जिसने सैम ऑल्टमैन के घर पर बम फेंका था।
इस घटना में कोई हताहत नहीं
ओपन एआई (OpenAI) के प्रवक्ता ने इस घटना की पुष्टि करते हुए स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया है। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि हमले के दौरान कोई भी कर्मचारी या परिवार का सदस्य हताहत नहीं हुआ है। वर्तमान में पुलिस इस मामले की ‘सक्रिय जांच’ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी का इस हमले के पीछे क्या मकसद था। यह घटना दुनिया भर में AI सुरक्षा और तकनीकी दिग्गजों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
क्या होता है मोलोटोव कॉकटेल?
मोलोटोव कॉकटेल एक प्रकार का कामचलाऊ या ‘देसी’ विस्फोटक उपकरण है, जिसे सामान्यतः ‘पेट्रोल बम’ या ‘बोतल बम’ के नाम से जाना जाता है। इसे तैयार करने के लिए कांच की एक बोतल का उपयोग किया जाता है, जिसमें पेट्रोल, शराब या कोई अन्य अत्यधिक ज्वलनशील तरल पदार्थ भरा जाता है। बोतल के मुंह को कपड़े की एक बाती (wick) से कसकर बंद कर दिया जाता है, जो ईंधन के संपर्क में रहती है। यह हथियार अपनी सादगी के बावजूद अत्यंत विनाशकारी होता है, क्योंकि इसे इस्तेमाल करने के लिए किसी जटिल तकनीक की आवश्यकता नहीं होती।
इसके इस्तेमाल की प्रक्रिया में सबसे पहले कपड़े की उस बाती में आग लगाई जाती है और फिर पूरी बोतल को पूरी ताकत के साथ लक्ष्य की ओर फेंका जाता है। जैसे ही कांच की बोतल किसी सख्त सतह या जमीन से टकराती है, वह चकनाचूर हो जाती है और उसके भीतर भरा ज्वलनशील तरल चारों ओर फैल जाता है। जलती हुई बाती के संपर्क में आते ही वह तरल तुरंत भड़क उठता है, जिससे एक भीषण आग लग जाती है। ऐतिहासिक रूप से, इसका नाम सोवियत विदेश मंत्री व्याचेस्लाव मोलोटोव के नाम पर रखा गया था और तब से इसका उपयोग दुनिया भर में दंगों, विरोध प्रदर्शनों और छापामार युद्धों में एक सस्ते लेकिन प्रभावी हथियार के रूप में किया जाता रहा है।
मस्क और सैम ऑल्टमैन के बीच चल रहा विवाद
हाल ही में सोशल मीडिया हैंडल एक्स प्रमुख और टेस्ला के सीईओ एलन मस्क ने न केवल OpenAI और माइक्रोसॉफ्ट पर $134 अरब यानी करीब 11 लाख करोड़ रुपये के हर्जाने का दावा किया है, बल्कि वे CEO सैम ऑल्टमैन को पद से हटवाने के लिए कोर्ट पहुंच गए हैं।
बता दें कि साल 2015 में एलन मस्क, सैम सहित कई लोगों ने मिलकर OpenAI की स्थापना की थी। इसका उद्देश्य AI को गूगल जैसी दिग्गज कंपनियों के एकाधिकार से बचाना था। मस्क को डर था कि अगर AI जैसी शक्तिशाली तकनीक चंद कंपनियों के हाथों में सिमट गई, तो यह मानवता के लिए खतरा हो सकती है। इसी विज़न के साथ OpenAI की शुरुआत एक ओपन सोर्स और एनजीओ के रूप में की गई थी, ताकि इसके फायदे सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध हों।
हालांकि, 2019 में एलन मस्क ने इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद संस्था की दिशा बदलने लगी। शोध के लिए भारी फंडिंग की जरूरत को देखते हुए OpenAI ने माइक्रोसॉफ्ट के साथ अरबों डॉलर की साझेदारी की। धीरे-धीरे, अपने शुरुआती ‘ओपन-सोर्स’ वादे से हटकर, कंपनी एक प्रॉफिट मॉडल पर शिफ्ट हो गई, जो आज तकनीकी जगत में एक बड़ी बहस का विषय है।
एलन मस्क का आरोप है कि CEO सैम ऑल्टमैन और प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने इस मिशन को धोखे से बदल दिया और माइक्रोसॉफ्ट के साथ मिलकर इसे अपने लिए मुनाफे वाली मशीन बना दिया. मस्क चाहते हैं कि कोर्ट इन दोनों को कंपनी से बाहर करे और OpenAI को दोबारा उसके असली रूप में बहाल करे.























































