अमेठी सिटी। मरीजों के इलाज में लापरवाही के कारण आए दिन मौत की खबरें आती है लेकिन, उस पर कार्रवाई के नाम पर महज खाना पूर्ति है। मामला उजागर होने के बाद जांच के लिए टीम बना दी जाती है।इसके बाद अफसर भूल जाते हैं। फरियादी कार्रवाई की आस में भटकते रहते हैं। फिलहाल, अधिकारी इन शिकायतों के गुणवत्ता पूर्ण निस्तारण की बात करते हैं।
दो माह के भीतर इलाज में लापरवाही के चार मामले आए। इसमें दो महिलाओं और दो बच्चों की मौत हो गई लेकिन, कार्रवाई के नाम पर खामोशी है। बीते साल जगदीशपुर में प्रसव के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगा था। इसके बाद कार्रवाई को लेकर बड़ा हंगामा हुआ था। किसान नेता रीता सिंह ने सैंकड़ों महिलाओं क साथ दो बार सीएमओ कार्यालय का घेराव किया, तब जाकर कार्रवाई की गई थी।
सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह का कहना है कि अवैध अस्पतालों के संचालन को लेकर जहां से भी शिकायत मिलती है उस पर कार्रवाई की जाती है। कहा कि इलाज में लापरवाही के मामलों में भी कार्रवाई की जा रही है।















