मुजफ्फरनगर विश्वविद्यालय में विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रारंभ होने जा रही हैं, जिसे लेकर विद्यार्थियों में स्वाभाविक रूप से मानसिक दबाव और चिंता बढ़ जाती है। परीक्षा के नजदीक आते ही कई छात्र-छात्राएं तनाव, असहजता और असमंजस का सामना करते हैं, जिसका सीधा प्रभाव उनकी पढ़ाई, तैयारी तथा परीक्षा के दौरान प्रदर्शन पर पड़ता है। इसी संदर्भ में आकांक्षा कॉलेज के शिक्षा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. रणजीत सिंह ने विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण मार्गदर्शन देते हुए बताया कि परीक्षा जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव होती है। परीक्षा केवल ज्ञान का मूल्यांकन नहीं करती, बल्कि यह विद्यार्थियों के समर्पण, मेहनत, अनुशासन, समय प्रबंधन और मानसिक मजबूती का भी परीक्षण करती है। उन्होंने कहा कि कई बार छात्र अनावश्यक रूप से नकारात्मक विचारों और तनाव से घिर जाते हैं, जिस कारण उनकी क्षमता पर असर पड़ता है। ऐसे समय में सही दिशा-निर्देश, सकारात्मक वातावरण और संतुलित दिनचर्या छात्रों को तनाव-मुक्त होकर बेहतर परिणाम देने में सहायक सिद्ध हो सकती है।
डॉ. रणजीत सिंह ने परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को कई महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए। उन्होंने कहा कि सबसे पहले छात्रों को अपने समय का सही प्रबंधन करना चाहिए और एक नियमित टाइम टेबल बनाकर पढ़ाई करनी चाहिए। पाठ्यक्रम को समझकर पढ़ना अत्यंत जरूरी है, क्योंकि केवल रटने से असल ज्ञान विकसित नहीं होता। पढ़ाई के दौरान स्वयं के बनाए नोट्स का समय-समय पर रिवीजन करने से विषयों की पकड़ मजबूत होती है। परीक्षा से पहले पिछले वर्षों के प्रश्न-पत्र हल करना विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उन्हें पेपर पैटर्न समझने में मदद करता है। पढ़ाई करते समय एकाग्रता बनाए रखना और मोबाइल, सोशल मीडिया तथा टीवी से दूरी रखना आवश्यक है क्योंकि ये ध्यान भटकाने वाले प्रमुख कारण हैं। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली पर जोर देते हुए कहा कि पर्याप्त नींद, हल्का व्यायाम और पौष्टिक भोजन मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, जिससे परीक्षा के दौरान ऊर्जा और एकाग्रता बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि परीक्षा के समय उत्तर लिखते हुए विद्यार्थियों को रणनीति अपनानी चाहिए और सबसे पहले आसान प्रश्नों के उत्तर लिखने चाहिए ताकि समय का सदुपयोग हो सके। कठिन विषयों में समस्या आने पर छात्रों को शिक्षकों से मार्गदर्शन अवश्य लेना चाहिए, क्योंकि सही समझ ही बेहतर परिणाम की कुंजी है। उन्होंने सकारात्मक सोच को सबसे बड़ा हथियार बताया और कहा कि आत्मविश्वास सफलता का पहला कदम है। छात्रों को खुद पर विश्वास रखना चाहिए कि उनकी मेहनत व्यर्थ नहीं जाएगी। परीक्षा जीवन का एक चरण है, लेकिन लक्ष्य उससे कहीं बड़ा है। इसलिए विद्यार्थियों को तनाव छोड़कर मुस्कुराते हुए, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। यदि छात्र सही योजना, सकारात्मक दृष्टिकोण और निरंतर प्रयास अपनाएं तो सफलता निश्चित रूप से उनके कदम चूमेगी।















