दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट के पास सुदर्शन कैंप में एक एनएसजी कमांडो ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। मृतक मूल रूप से उत्तराखंड के नैनीताल जिले के बिंदुखत्ता क्षेत्र का रहने वाला था। कमांडो नरेंद्र सिंह भंडारी की शादी 19 नवंबर को होनी थी। इससे पहले उसने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। 30 साल का भंडारी पिछले दस साल से भारतीय सेना की कुमाऊं रेजिमेंट में कार्यरत था। उसके पिता गोपाल सिंह भंडारी भी सेना में रह चुके हैं। उनका निधन 2 साल पहले हो गया था। बताया जा रहा है कि नरेंद्र के बड़े भाई यशवंत गांव में रहकर खेती-बाड़ी करते हैं। कमांडो के मझले भाई रेलवे में लोको पायलट बताए जा रहे हैं।आईजीआई थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत जुटाए हैं। एनएसजी और दिल्ली पुलिस अपने-अपने स्तर पर मामले की जांच में जुटे हैं। कमांडो ने आत्महत्या के बाद कोई सुसाइड नोट छोड़ा है या नहीं? इस बारे में जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस ने बताया कि पीसीआर को शिव मूर्ति के पास स्थित सुदर्शन कैंप में एक जवान के आत्महत्या करने की सूचना मिली थी। जिसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम पहुंची। नरेंद्र कुमार की सुदर्शन कैंप में प्रतिनियुक्ति के तौर पर तैनाती थी। जवान का शव लहूलुहान हालत में मिला है। पास ही उसकी राइफल पड़ी थी। पुलिस उसके साथ काम करने वाले जवानों और परिजनों से पूछताछ में जुटी है।
बंट चुके थे शादी के कार्ड
परिवार के अनुसार हल्द्वानी के एक बैंक्वेट हॉल में उसकी शादी 19 नवंबर को होनी थी। नरेंद्र का लोहाघाट इलाके की रहने वाली लड़की से रिश्ता तय हो चुका था। शादी के कार्ड भी बंट गए थे। लेकिन इससे पहले ही नरेंद्र ने अपनी जान दे दी। आत्महत्या के पीछे क्या वजह थी? इसका खुलासा नहीं हो पाया है। दिल्ली में बुधवार को मीरा बाग इलाके में गैंगवार का मामला भी सामने आया था। राज मंदिर मार्केट में बदमाशों ने 8 राउंड फायरिंग की थी। जिसके बाद पुलिस इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। इससे 3 दिन पहले नांगलोई में भी ऐसी वारदात को बदमाशों ने अंजाम दिया था।















