फिजिकल हेल्थ के साथ मेंटल हेल्थ को बेहतर बनाने में खानपान का बहुत बड़ा योगदान होता है. इसके लिए बैलेंस डाइट और सही लाइफस्टाइल अपनाने की सलाह दी जाती है. हर एक फूड की न्यूट्रिशन वैल्यू और उससे होने वाले फायदे अलग-अलग होते हैं. कहा जाता है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड्स को डाइट में शामिल करना ब्रेन और स्किन दोनों के लिए अच्छा होता है. हाल ही में एक स्टडी में दावा किया गया है कि सर्दी में स्नैक्स के तौर पर खाई जाने वाली ये चीज याददाश्त को बढ़ाने में मदद कर सकती है.इस शोध में मूंगफली के बारे में बताया गया है, इसे खाने से दिमाग में ब्लड फ्लो में सुधार करने में भी मदद मिलती है. इसलिए यह मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद हो सकती है. आइए जानते हैं इस पूरी रिसर्च के बारे में और किस तरह से मूंगफली को डाइट में शामिल किया जा सकता है.
क्या कहती है स्टडी?
नीदरलैंड्स के मास्ट्रिच यूनिवर्सिटी मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं ने ये स्टडी की है. यह अध्ययन उम्र 60 से 75 साल के 31 स्वस्थ बुजुर्ग लोगों पर हुआ. अध्ययन का नाम “स्किन रोस्टेड पिनट्स” रखा गया. इसमें पार्टिसिपेंट्स को 16 हफ्तों तक रोजाना 60 ग्राम मूंगफली खाने के लिए दी गई. वह इसे सुबह या शाम पूरे दिन में कभी भी खा सकते थे. इसके बाद जब उनके ब्रेन फंक्शन का टेस्ट किया गया तो नतीजे चौंकाने वाले पाए गए.

शोधकर्ताओं ने पाया कि रोजाना मूंगफली खाने से उन लोगों के दिमाग तक ब्लड का फ्लो बेहतर हुआ है, इसमें cerebral blood flow करीब 3.6% तक बढ़ा. दिमाग के उन हिस्सों में ब्लड फ्लो बढ़ा, जिनका संबंध मेमोरी से होता है. मेमोरी में सुधार देखा गया. अध्ययन में पाया गया कि वर्बल मेमोरी यानि की मौखिक जानकारी को याद रखने की क्षमता करीब 5.8% बेहतर हुई. लेकिन यह हर किसी के लिए एक जैसा हो ये जरूर नहीं होता. क्योंकि हर किसी के शरीर की जरूरत और मेडिकल कंडीशन अलग-अलग होती है.
एक्सपर्ट की राय
होलिस्टिक डाइटिशियन और इंटीग्रेटिव थेरोपेटिक न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर गीतिका चोपड़ा ने बताया कि मूंगफली हेल्दी फैट का सोर्स है. इसमें एमयूएफए और पूफा पाया जाता है. हमें ये समझना चाहिए कि ब्रेन का मैन स्ट्रक्चर फैट से बना होता है. अगर डाइट में इसकी कमी हो जाती है, तो फोकस, याददाश्त और निर्णय लेने में क्षमता से जुड़ी समस्या हो सकती हैं. मूंगफली में विटामिन बी3 (नियासिन) होता है जो ब्रेन में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है और उम्र के साथ याददाश्त कमजोर होने के जोखिम को कम करता है.मूंगफली में मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं, जो स्ट्रेस हार्मोन को रेगुलेट करते हैं, जिससे स्ट्रेस, ओवरथिंकिंग और मेंटल रेस्टलेसनेस जैसी परेशानी कम होती है. एक्सपर्ट का कहना है कि ब्रेन को शुगर रश नहीं, धीमा और स्थिर ईंधन चाहिए और मूंगफली बिल्कुल वही काम करती है. इसलिए मूंगफली मेंटल हेल्थ के लिए फायदेमंद मानी जाती है.
एक्सपर्ट ने बताया कि उन्होंने अपनी प्रैक्टिस में कई क्लाइंट देखे हैं जो लो कंसंट्रेशन, मानसिक थकान और बर्नआउट जैसी परेशानी के साथ आए और उन्हें मूंगफली को भिगोकर खाने की सलाह दी गई, इससे यह आसानी से डाइजेस्ट होती है. लगभग 2 से 3 हफ्तों में उन लोगों ने खुद नोटिस किया की ब्रेन ज्यादा अलर्ट फील हो रहा है, चीजें जल्दी समझ आ रही हैं और दिन भर की मेंटल थकान कम हो रही है. स्ट्रेस और एंजॉयटी भी धीरे-धीरे इससे मैनेज हो सकता है, क्योंकि मैग्नीशियम और हेल्दी फैट वाले फूड्स नर्वस सिस्टम को शांत करने में मदद करते हैं.
डाइट में इस तरह करें शामिल
मूंगफली को सिर्फ भिगोकर ही नहीं, बल्कि कई तरीके से डाइट में शामिल किया जा सकता है जैसे सिंपल मूंगफली की चटनी, मूंगफली को पोहे में मिलाकर खाना, सूखी भुनी हुई मूंगफली का नाश्ता या मूंगफली पाउडर को सलाद और फलों पर छिड़कना. लेकिन ध्यान रखें कि सीमित मात्रा में इसे खाना चाहिए, इसके साथ ही जिन लोगों को इससे एलर्जी है उन्हें मूंगफली खाने से नुकसान हो सकते हैं.















