मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत कार्यरत संविदा स्वास्थ्य कर्मियों ने दो माह से वेतन न मिलने के विरोध में जिलाधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र वेतन जारी नहीं किया गया तो वे “दाम नहीं तो काम नहीं” की नीति अपनाते हुए कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन के माध्यम से कर्मचारियों ने बताया कि पिछले छह महीनों से वेतन समय पर नहीं मिल रहा है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट गहराता जा रहा है। संगठन अध्यक्ष डॉ. सचिन जैन ने कहा कि संविदा कर्मी पूरी निष्ठा से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समय पर मेहनताना नहीं मिल पा रहा, जो बेहद चिंताजनक है। संगठन महामंत्री मणिकांत त्यागी ने कहा कि कई बार अधिकारियों को अवगत कराने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ है। यदि इस बार भी सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो कर्मचारी सख्त कदम उठाने के लिए बाध्य होंगे।
डॉ. राहुल वर्मा ने बताया कि करीब छह महीने पहले विभागीय पोर्टल बदले जाने के बाद से भुगतान व्यवस्था गड़बड़ा गई है और तब से लगातार वेतन में देरी हो रही है। संगिनी निर्मला ने कहा कि पोर्टल परिवर्तन के कारण आशा कार्यकर्ताओं का भुगतान भी प्रभावित हुआ है, जिससे जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। कोषाध्यक्ष डॉ. फैसल सिद्दीकी ने कहा कि संविदा कर्मी स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ की हड्डी हैं और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रखने में उनकी अहम भूमिका है, लेकिन शासन स्तर पर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे। डॉ. अनिल कौशिक ने कहा कि नियमित वेतन न मिलने से कर्मचारियों का मनोबल गिर रहा है और इसका असर कार्यक्षमता पर भी पड़ सकता है।
एएनएम मोनिका ने बताया कि वेतन में देरी के कारण बच्चों की स्कूल फीस, बिजली बिल, किराया और अन्य घरेलू खर्चों का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। कई कर्मचारी कर्ज लेने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि जब तक वेतन समय पर नहीं मिलेगा, तब तक मानसिक तनाव बना रहेगा। कर्मचारियों ने प्रशासन से मांग की कि लंबित वेतन का तत्काल भुगतान कराया जाए और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्थायी समाधान निकाला जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. सचिन जैन, मणिकांत त्यागी, डॉ. फैसल सिद्दीकी, डॉ. राहुल वर्मा, संगिनी निर्मला, डॉ. अनिल, डॉ. शमशेर, डाइटिशियन नेहा त्यागी, कोऑर्डिनेटर अश्विनी कुमार, डॉ. आमिर, कोऑर्डिनेटर इफ्तार अली, फिजियोथैरेपिस्ट विपुल, स्टाफ नर्स रेनू रानी, एएनएम नेहा मालिक, नीतू, उषा गुप्ता, सविता, प्रियंका, एलटी कामेश, रविंद्र, मोहित, फार्मासिस्ट तंजीम अहमद और सचिन कुमार सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। कर्मचारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा और शीघ्र समाधान निकालेगा।















