बांग्लादेश में हाल ही में आरक्षण विरोधी प्रदर्शनों के दौरान हुई दो कॉलेज छात्रों की मौत को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना पर हत्या का एक और मामला दर्ज किया गया है। हसीना के अलावा 12 अन्य लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई है।ढाका के सुत्रापुर इलाके में हिंसा के दौरान दो छात्रों की हत्या की गई थी। बांग्लादेश की सरकारी मीडिया के मुताबिक कोबी नजरूल सरकारी कॉलेज के छात्र इकराम हुसैन कावसर और शहीद सुहरावर्दी कॉलेज के छात्र उमर फारुक की हत्या पर ढाका मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट टोरिकुल इस्लाम की अदालत में याचिका दायर की गई थी। पुलिस और अवामी लीग समर्थकों ने अलग-अलग घटनाओं में दोनों छात्रों को गोली मार दी थी, जब वे 19 जुलाई को कोबी नजरूल सरकारी कॉलेज और शहीद सुहरावर्दी कॉलेज के सामने सैकड़ों अन्य लोगों के साथ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
अब तक 600 से ज्यादा लोगों की प्रदर्शन में मौत
हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग की सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में 230 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। जबकि जुलाई के मध्य में छात्रों द्वारा शुरू किए गए बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बाद से अब तक मरने वालों की संख्या 600 से ज्यादा हो चुकी है।
44 पुलिस कर्मियों की भी मौत हुई
बांग्लादेश में जुलाई के मध्य से शुरू हुई हिंसा में अब तक कुल 44 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई है। आपको बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के देश छोड़ने के बाद बांग्लादेश में हिंसा भड़की है। पांच अगस्त को शेख हसीना ने इस्तीफा दने के बाद बांग्लादेश छोड़ दिया और भारत के लिए रवाना हो गईं थीं। इसके बाद बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए थे। बांग्लादेश के पुलिस मुख्यालय ने बताया कि इस हिंसा में 44 पुलिसकर्मियों की मौत हो चुकी है। इनमें 21 कांस्टेबल रैंक के पुलिसकर्मी हैं।















