मुज़फ्फरनगर सनातन धर्म कॉलेज सभागार में गोल्डन पीकॉक फाउंडेशन द्वारा संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार “संविधान, मेरा स्वाभिमान” का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर की। पहले ही सत्र में सरस्वती वंदना और विद्यार्थियों की सामूहिक योग प्रस्तुति ने वातावरण को गरिमा और उत्साह से भर दिया, जिससे संविधान दिवस के इस विशेष आयोजन को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आधार मिलाफाउंडेशन के अध्यक्ष वसीम अहमद ने अपने संबोधन में संस्था की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और समाज में संवैधानिक जागरूकता की बढ़ती आवश्यकता पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि आज के समय में नागरिकों, विशेषकर युवाओं को संविधान के मूल सिद्धांतों, अधिकारों और कर्तव्यों को समझना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन का उद्देश्य समाज में लोकतांत्रिक समझ विकसित करना और संविधान को न–जन तक पहुँचाना है।पहले दिन आयोजित शैक्षणिक सत्रों में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने विचार रखे। डॉ. ओमदत्त ने संविधान निर्माण की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसके आधारभूत सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। डॉ. अमित कुमार ने मौलिक अधिकारों और कर्तव्यों के महत्व को वास्तविक जीवन के उदाहरणों के साथ समझाया। डॉ. कुलदीप सिंह ने भारतीय शासन व्यवस्था और संघीय ढांचे के वैज्ञानिक स्वरूप को सरल भाषा में प्रस्तुत किया। वहीं, डॉ. रवि महेंद्र ने अर्थव्यवस्था, नीति निर्माण और संवैधानिक प्रावधानों के आपसी संबंधों पर चर्चा की।डॉ. रूही जावेद ने सामाजिक न्याय, समानता और महिला अधिकारों पर प्रभावशाली वक्तव्य दिया। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को बराबरी का अधिकार प्रदान करने वाली एक मजबूत नींव है। फाउंडेशन से जुड़ी वक्ता शाज़िया ने न्यायपालिका की भूमिका और नागरिक अधिकारों पर बेहद सरल और सहज तरीके से व्याख्यान प्रस्तुत किया, जिसे छात्रों ने विशेष रुचि से सुना। डॉ. संजय कुमार जायसवाल ने युवा शक्ति को राष्ट्र निर्माण में संविधान की प्रेरक भूमिका से परिचित कराया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि भारत का संविधान न केवल विश्व का सबसे विस्तृत ग्रंथ है, बल्कि सबसे प्रभावी और व्यवहारिक भी है। उन्होंने युवाओं को संविधान पढ़ने, समझने और अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित भी किया गया।आयोजक वसीम अहमद ने कहा कि ऐसा आयोजन समाज में संवैधानिक चेतना को मजबूत करता है और युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित करता है। दो दिवसीय यह सेमिनार आने वाले सत्रों में भी कई महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा का मंच प्रदान करेगा।















