मुजफ्फरनगर। रोहाना कलां स्थित इंडियन पोटाश लिमिटेड की डिस्टलरी एवं कंप्रेस्ड बायो गैस यूनिट में राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह-2026 का शुभारंभ सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के साथ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य कारखाने में कार्यरत कर्मचारियों के बीच सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा सुरक्षित कार्य संस्कृति को मजबूत बनाना रहा। इस अवसर पर कर्मचारियों को कार्यस्थल पर सुरक्षा के महत्व, संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित कार्य व्यवहार के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करे।
कार्यक्रम के दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सुरक्षा शपथ दिलाई गई। शपथ के माध्यम से सभी ने यह संकल्प लिया कि वे अपने कार्यस्थल को सुरक्षित बनाए रखने, दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय अपनाने तथा सुरक्षा उपकरणों का नियमित उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कर्मचारियों को यह भी बताया कि सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सतत प्रक्रिया और जिम्मेदारी है, जिसे दैनिक कार्य व्यवहार का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम का शुभारंभ यूनिट हेड रमेश कुमार शर्मा और एजीएम (प्रोडक्शन) भारत कुमार की उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ फायर एवं सुरक्षा अधिकारी मोहित कुमार बालियान के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया, उपकरणों के सुरक्षित उपयोग तथा कार्यस्थल पर सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही यह भी बताया गया कि किसी भी संभावित खतरे या असुरक्षित स्थिति की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देना सभी कर्मचारियों की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम में कारखाने के सभी विभागाध्यक्षों तथा बड़ी संख्या में कर्मचारियों की उपस्थिति रही। प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों से अपील की कि वे कारखाने में निर्धारित सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन करें और सुरक्षित कार्य संस्कृति को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाएं। प्रबंधन का कहना है कि सुरक्षित वातावरण में ही बेहतर उत्पादन और कार्य क्षमता संभव है।















