बाँदा। टीईटी लागू होने से पहले नौकरी पाए शिक्षकों पर अब जबरन टीईटी थोपने के खिलाफ राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बिगुल फूंक दिया। सुप्रीम कोर्ट के 1 सितंबर 2025 और 29 मई 2026 के फैसले के बाद देश के 30 लाख पुराने शिक्षकों की नौकरी पर संकट मंडरा रहा है। महासंघ का कहना है “नियम आगे से लागू होता है, पीछे से नहीं। पहले से नौकरी कर रहे टीचरों पर नया नियम थोपना अन्याय है।बाँदा में सैकड़ों शिक्षक डीएम कार्यालय पहुंचे। प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री और सीएम योगी के नाम ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने कहा ये नियम प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है। विधिवत भर्ती हुए शिक्षकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। महासंघ चुप नहीं बैठेगा। पूरे देश में जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन होगा मांग न मानी तो सड़क से सदन तक संग्राम होगा। किसी भी शिक्षक की नौकरी पर आंच नहीं आने देंगे।
हमारी मांग है कि संसद में कानून बदलकर पुराने शिक्षकों को स्थाई राहत दी जाए।सभी राज्यों को साफ निर्देश जारी कर,शिक्षकों का डर खत्म किया जाए।ज्ञापन देने सैकड़ों शिक्षक-शिक्षिकाएं और जिला-ब्लॉक के पदाधिकारी मौजूद रहे।















