राष्ट्रीय देरी अनुसंधान एन डी आर आई के प्रयास से हुआ पशु नस्ल में सुधार।

भास्कर न्यूज़ उत्तरप्रदेश उत्तराखंड

मुज़फ्फरनगर। तितावी राष्ट्रीय देरी अनुसंधान करनाल के द्वारा संचालित लालू खेड़ी स्थित किसान सेवा केंद्र के अथक प्रयास क्षेत्र में रंग लाते हुए नजर आने लगे है।किसान सेवा केंद्र लालू खेड़ी द्वारा पशुपालकों को उपलब्ध कराए गए सीमन से पैदा हुई गांव,भौरा खुर्द के किसान रामकुमार पुत्र रामचन्द्र की भैंस जो तीसरी बार ब्याएगी उक्त भैस शुक्रवार को एक लांख पिचहत्तर हजार रुपयों की व्यापारी नसीम पुत्र असगर निवासी गढ़ी नॉआबाद द्वारा खरीदी गई है। इस भैंस के द्वारा गत ब्यान्त में प्रतिदिन 18 लीटर दूध पैदा किया गया था। बताते चले कि किसान रामकुमार की ही दूसरी भैंस जो इस भैंस की ही बहन है,गत वर्ष 1,43000,रुपयों की कीमत की बिकी थी। राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान करनाल के किसान सेवा केंद्र लालू खेड़ी का क्षेत्र के पशुओं की नस्ल सुधार में महत् वपूर्ण भूमिका है।लालू खेड़ी में इस केंद्र की स्थापना तत्कालीन रालोद से लोकनिर्माण मंत्री अनुराधा चौधरी द्वारा सन 2005 में स्थापना की गई थी।लेकिन राज्य सरकार की उपेक्षाओं का शिकार यह किसान सेवा केंद्र बन्द हो गया था।सन 2015 में दुबारा मुज़फ्फरनगर के सांसद व केंद्रीय मंत्री डॉ0 संजीव बालियान के अथक प्रयास से यह केंद्र दुबारा संचालित कराया गया,तथा केंद्र प्रभारी डॉ0 पवन सिंह दवेसर क्षेत्र के पशुओं की नस्ल सुधार के पुरजोर प्रयास लगातार किये जा रहे है। तथा नस्ल सुधार के परिणाम भी अब सामने आने लगे है।नस्ल सुधार कार्यक्रम का लाभ और अधिक किसानों तक पहुंचाने के लिए भारत सरकार के डेरी एवं पशुपालन मंत्रालय के राष्ट्रीय गोकुल योजना के अंर्तगत राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान करनाल हरियाणा के माध्यम से करीब 100 गांवों में लागू किया जा रहा है।डॉ0पवन सी घ ने यह भी बताया कि आगे आने वाले कुछ समय पश्चात इस क्षेत्र में पशुओं की नस्ल में और अधिक सुधार होगा।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts