मुजफ्फरनगर में लंबे समय से जाट समाज को टारगेट बनाकर उत्पीड़न किया जा रहा है। वर्ष 2021 में जाट समाज से जुड़े दो पत्रकार प्रवेश मलिक और धर्मेंद्र कुमार, तथा विकलांग युवक बाँबी राठी के खिलाफ खुद को दलित बताने वाले संजय कटारिया पुत्र रूप राम निवासी बेलडा थाना भोपा द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले का अपराध संख्या 53/2021 है। इसके चलते पत्रकार और उनके परिवार मानसिक रूप से अत्यधिक पीड़ित रहे। जांच अधिकारी ने जांच के बाद फाइनल रिपोर्ट 11 सितंबर 2022 को कोर्ट में प्रस्तुत की थी, जिसकी अंतिम रिपोर्ट संख्या 46/2022 है।
संजय कटारिया पर मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जनपदों के विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें थाना नगर कोतवाली मुजफ्फरनगर में अपराध संख्या 355/21 (धारा 376, 328, 323, 506, 120B), कोतवाली नगर में अपराध संख्या 143/22 (धारा 376, 67 IT ACT), कोतवाली नगर सहारनपुर में अपराध संख्या 2/23 (धारा 384, 500), थाना नगर कोतवाली शामली में अपराध संख्या 580/21 (धारा 500, 456, 11 एक्ट), थाना सिविल लाइन मुजफ्फरनगर में अपराध संख्या 6/23 (धारा 376, 67, 11 एक्ट) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त अपराध संख्या 73/18 में विद्युत अधिनियम की धारा 135 के अंतर्गत भी मामला दर्ज है। थाना भोपा क्षेत्र में मंदबुद्धि महिला से रेप के मामले में संजय कटारिया को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार भी किया था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
संजय कटारिया एक शातिर अपराधी बताया जा रहा है, जो अपनी जाति के अधिकारियों और राजनीतिक व्यक्तियों को भ्रमित कर जाट समाज के लोगों का उत्पीड़न कर रहा है। despite गंभीर धाराओं में इतने मुकदमे दर्ज होने के बावजूद, उसके खिलाफ मु़ंडा एक्ट जैसी कठोर कार्रवाई नहीं की गई है। प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए सख्त निर्देश होने के बावजूद संजय कटारिया खुलेआम घूम रहा है।
राकेश बालियान, ब्लॉक अध्यक्ष शाहपुर, जाट महासभा मुजफ्फरनगर ने मांग की है कि संजय कटारिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जाट समाज के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए।















