मुजफ्फरनगर जनपद की खालापार पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी का खुलासा किया है। यह पूरी कार्रवाई अपर पुलिस महानिदेशक मेरठ जोन एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा के पर्यवेक्षण में की गई। पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, सहायक पुलिस अधीक्षक नगर/क्षेत्राधिकारी नगर सिद्धार्थ के मिश्रा और थाना प्रभारी खालापार महावीर सिंह चौहान के नेतृत्व में गठित टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि मेरठ रोड स्थित जेड.के. कॉम्पलेक्स में फर्जी फर्मों के नाम से बिल तैयार करने और फर्जी जीएसटी बिलों के माध्यम से कर चोरी की जा रही है। मुखबिर की सूचना पर विश्वास करते हुए जब पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी तो कॉम्पलेक्स के भीतर दो लोग लैपटॉप पर काम करते हुए मिले। जांच में पाया गया कि वे धर्मकांटे की फर्जी पर्चियां तैयार कर उन्हें प्रिंट कर रहे थे। मौके पर गिरफ्तार किए गए आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वे फर्जी ई–वे बिल, धर्मकांटा पर्चियां और अन्य दस्तावेज तैयार करते हैं जिनका प्रयोग ट्रांसपोर्ट और व्यापारिक गतिविधियों में कर चोरी करने के लिए किया जाता है।पुलिस टीम ने मौके से 3 मोबाइल फोन, विभिन्न ट्रांसपोर्टर और फर्मों के नाम की कुल 103 मोहरे, एक लैपटॉप, प्रिंटर, फर्जी धर्मकांटा पर्चियां, ट्रांसपोर्ट कंपनियों की नकली रसीदें और अन्य उपकरण बरामद किए। इतना ही नहीं, फर्जी प्रपत्रों से तैयार लगभग 120 बिलों की फाइलें भी कब्जे में ली गईं। पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जीएसटी विभाग को सूचित कर मौके पर बुलाया। जीएसटी की केंद्रीय और राज्य स्तरीय टीम ने दस्तावेजों और फाइलों का निरीक्षण किया, जिसमें करोड़ों रुपये की कर चोरी की पुष्टि हुई। इस तरह यह स्पष्ट हो गया कि आरोपी लंबे समय से फर्जी बिलिंग और दस्तावेजों के जरिए बड़े पैमाने पर सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे थे।थाना खालापार पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही प्रारंभ कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के फर्जीवाड़े पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और राजस्व चोरी करने वाले किसी भी नेटवर्क को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई से जीएसटी चोरी में संलिप्त नेटवर्क के बड़े हिस्से का पर्दाफाश हुआ है। अब जीएसटी विभाग और पुलिस संयुक्त रूप से आगे की जांच कर रही है ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों को भी पकड़ा जा सके। पुलिस का मानना है कि ऐसे नेटवर्क का सीधा असर देश की आर्थिक व्यवस्था और सरकारी खजाने पर पड़ता है, इसलिए इनके खिलाफ कठोर कदम उठाना जरूरी है। मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल अपराधियों के हौसले पस्त किए हैं, बल्कि आम जनता और व्यवसायिक जगत में यह संदेश भी दिया है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई क्षेत्र में कानून व्यवस्था और आर्थिक अपराधों पर नियंत्रण की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।















