मुजफ्फरनगर पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय मोबाइल चोरी गिरोह का किया भंडाफोड़

मुजफ्फरनगर पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। नई मंडी कोतवाली और क्राइम ब्रांच की टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी निशानदेही पर चोरी के 29 महंगे मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपये है। जांच में पता चला कि ये मोबाइल पहले दिल्ली भेजे जाते और वहां से अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चैन के माध्यम से नेपाल और बांग्लादेश तक पहुंचाने की योजना बनाई जा रही थी।घटना की शुरुआत 1 दिसंबर को हुई, जब भाजपा नेता सचिन अग्रवाल ने नई मंडी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई कि कुछ बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन और पैसे छीन लिए। शिकायत मिलने के तुरंत बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर गहन जांच शुरू की। जांच के दौरान मेरठ के फराज और सुहैल को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी किए गए मोबाइल फोन पहले मेरठ में जमा किए जाते थे और फिर दिल्ली भेजे जाते थे।पुलिस ने तीसरे आरोपी महफूज के घर से भी सभी मोबाइल फोन बरामद किए। एसएसपी मुजफ्फरनगर संजय कुमार वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपी पहले से कई आपराधिक मामलों में शामिल रहे हैं। फराज के खिलाफ आठ और सुहैल के खिलाफ छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं। इस मामले में मोबाइल चोरी और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई के आरोपों के तहत दोनों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और उन्हें जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। महफूज की गिरफ्तारी के लिए भी दबिशें जारी हैं, और उसकी गिरफ्तारी से पूरे गिरोह का नेटवर्क उजागर होने की उम्मीद है।पुलिस ने बताया कि यह गिरोह मुख्य रूप से महंगे और प्रीमियम मॉडल के मोबाइल फोन को निशाना बनाता था। चोरी के तुरंत बाद मोबाइलों को मेरठ में इकट्ठा किया जाता और फिर दिल्ली भेजा जाता। दिल्ली से इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नेपाल और बांग्लादेश में सप्लाई करने की योजना बनाई जाती थी। इस कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय मोबाइल तस्करी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है।इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी को रोकने में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है।

अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है। इस तरह की कार्रवाई से चोरी और तस्करी की घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।मुजफ्फरनगर पुलिस की इस सफलता ने यह साबित कर दिया कि अपराधियों को किसी भी तरह की चुप्पी और साजिश के लिए शहर में जगह नहीं दी जाएगी। एसएसपी ने कहा कि ऐसे अपराधों को रोकने के लिए निरंतर निगरानी और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। भविष्य में भी पुलिस ऐसे अंतरराष्ट्रीय तस्करी गिरोहों को पकड़ने और उनके नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए सतत प्रयास जारी रखेगी।यह गिरफ्तारी न केवल स्थानीय अपराधियों के खिलाफ बल्कि अंतरराष्ट्रीय तस्करी के मामलों में भी एक मिसाल बन गई है। पुलिस की सतर्कता और गहन जांच ने अपराधियों के सभी प्रयासों को नाकाम कर दिया और शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया कि महंगे मोबाइल और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की चोरी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।यह घटना यह दर्शाती है कि अपराधियों की योजना चाहे अंतरराष्ट्रीय स्तर की क्यों न हो, पुलिस की तत्परता और सही रणनीति उन्हें रोकने में सफल हो सकती है। आने वाले समय में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के संयुक्त प्रयासों से ऐसे गिरोहों को पकड़ने और उनकी अंतरराष्ट्रीय सप्लाई लाइन को बाधित करने में और सफलता मिलने की संभावना है।कुल मिलाकर, मुजफ्फरनगर पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ी सफलता है जिसने न केवल चोरी के मोबाइलों को बरामद किया बल्कि अंतरराष्ट्रीय मोबाइल तस्करी नेटवर्क को भी उजागर किया। गिरफ्तार आरोपियों और उनके नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी से शहर और पड़ोसी देशों में तस्करी की घटनाओं पर काबू पाने में मदद मिलेगी।

 

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