मुजफ्फरनगर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई में एनसीईआरटी की फर्जी किताबें छापकर अन्य राज्यों में बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह ने हरियाणा के पानीपत में एक फर्जी प्रिंटिंग प्रेस के माध्यम से किताबें छापकर उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में सप्लाई की जा रही थीं। पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आदिल मेवाती, अनिल चौहान, राहुल राणा, राजू शर्मा, ताराचंद, सतेंद्र सिंघल, जावेद और अमित सैनी शामिल हैं।गिरफ्तार आरोपियों के पास से पुलिस ने तीन गाड़ियां और लगभग 1 लाख 33 हजार फर्जी किताबें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसमें हर सदस्य की अलग-अलग जिम्मेदारी तय है। कुछ सदस्य कच्चे माल की व्यवस्था और छपाई में शामिल थे, जबकि अन्य सदस्य विभिन्न राज्यों में सप्लाई के लिए जिम्मेदार थे।एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि मेरठ से कुछ लोग एनसीईआरटी की फर्जी किताबें लेकर खतौली स्थित अपने गोदाम पर पहुंचने वाले हैं। इस सूचना पर पुलिस ने अलकनंदा नहर के पास पुराने चीलत क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया और दो संदिग्ध गाड़ियों को रोककर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने हरियाणा पुलिस के साथ समन्वय कर अवैध रूप से संचालित की जा रही प्रिंटिंग प्रेस को भी सीज कर दिया है। एसएसपी ने कहा कि इस गिरोह द्वारा की गई अवैध छपाई से सरकार को बड़े पैमाने पर राजस्व की क्षति हो रही थी। आगे भी अपराध और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।















