मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य शासन और पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई की है। मेरठ जोन और सहारनपुर परिक्षेत्र के निर्देशन में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुजफ्फरनगर के पर्यवेक्षण में थाना साइबर क्राइम ने शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक अपराध, क्षेत्राधिकारी अपराध और थाना प्रभारी साइबर क्राइम की सक्रिय भूमिका रही।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने मुकदमा वादी को व्हाट्सएप के माध्यम से E CHALLAN APK भेजकर धोखाधड़ी की योजना बनाई और वादी से 3,78,500 रुपये की ठगी की। इस प्रकार की धोखाधड़ी के कारण वादी ने सूचना पुलिस को दी। सूचना प्राप्त होने के बाद थाना साइबर क्राइम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार किया। कार्रवाई में आरोपी के कब्जे से 2 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, 1 आधार कार्ड और 1 आधार कार्ड की छायाप्रति भी बरामद की गई।
थाना साइबर क्राइम ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा संख्या 23/2025 दर्ज किया है। आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 318 (4) बीएनएस और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66ली के तहत कार्यवाही की गई है। पुलिस का कहना है कि इस तरह के साइबर फ्रॉड मामलों में तुरंत कार्रवाई और अपराधियों की पकड़ से लोगों में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ती है।पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी प्रकार के ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन में सावधानी बरतें और संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड करने से पहले उनकी विश्वसनीयता की पुष्टि करें। इसके अलावा, पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस विभाग ने यह स्पष्ट किया कि साइबर अपराध रोकने के लिए प्रशिक्षित टीम, तकनीकी साधन और लगातार निगरानी का प्रयोग किया जा रहा है। इस प्रकार की सक्रिय कार्रवाई लोगों के लिए सुरक्षा की भावना मजबूत करने के साथ-साथ अपराधियों में भी भय का संचार करती है। पुलिस का उद्देश्य साइबर अपराध को न केवल रोका जाए बल्कि अपराधियों को पकड़कर न्यायालय के सामने पेश करना भी है।मुजफ्फरनगर पुलिस की इस कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि साइबर फ्रॉड के मामलों में पुलिस गंभीर है और कोई भी अपराधी कानून की पकड़ से बाहर नहीं रह सकता। जनता को चाहिए कि वे अपनी डिजिटल लेनदेन की सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करें और किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस गिरफ्तारी से जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की सक्रियता और तत्परता उजागर होती है।















