मुज़फ्फरनगर में मेरा शहर मेरा सम्मान अभियान के तहत आयोजित दसवीं वर्षगांठ समारोह ने शहरवासियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को प्रेरित करना, उनकी प्रतिभा को मंच देना और सामाजिक व प्रशासनिक क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करना रहा। समारोह की शुरुआत परंपरागत रीति से दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसने कार्यक्रम को गरिमा और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया। मंच पर मुख्य अतिथि सहित कई विशिष्ट व्यक्तित्वों की उपस्थिति ने आयोजन को और भव्य बना दिया।
इस अवसर पर फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र से जुड़े छात्र-छात्राओं ने भारतीय संस्कृति और पारंपरिक परिधानों की अनोखी झलक पेश करते हुए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। युवाओं द्वारा प्रस्तुत की गई यह आकर्षक सांस्कृतिक और पारंपरिक फैशन परेड कार्यक्रम की खास पहचान बनकर उभरी। उनकी रचनात्मकता और आत्मविश्वास ने सभी को अभिभूत किया और इस आयोजन को एक नए स्तर पर पहुंचाया।
कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यहां प्रतिभाशाली युवाओं के साथ-साथ सामाजिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले महानुभावों को भी सम्मानित किया गया। इसी क्रम में टीएसआई महेश कुमार, युवा कलाकार एवं मॉडल सार्थक चौधरी, मीनाक्षी, रश्मि अरोड़ा सहित कई पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ताओं को सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान समाज में सकारात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को प्रेरणा देने का माध्यम बना।
समारोह में शहर के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे जिनमें विनीत बालियान, नादिर राणा, रोजी, अरविंद गुप्ता, अनिल बंसल, नितिन जैन, राजेंद्र सिंघल, रोहतास करनवाल, नीतीश सैनी, राजीव बालियान, आसिफ अली आदि प्रमुख रहे। इन सभी की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अनंत वशिष्ठ, इशिका भारद्वाज, परी बजाज, चीना, अभिषेक शर्मा, ईति भारद्वाज, मानिक, अतिन, अपर्णा, मोहित मेहंदियान और अभिषेक आदित्य का विशेष योगदान रहा। इन सभी की मेहनत और टीमवर्क की वजह से समारोह व्यवस्थित और प्रभावशाली रूप में सम्पन्न हुआ।
फैशन प्रतियोगिता में कई प्रतिभागियों ने शानदार प्रदर्शन किया, जिनमें कार्तिक, आंचल, तन्वी, पूजा, ध्वनि और उवेश विजेता के रूप में उभरे। उनकी मेहनत और रचनात्मकता ने न केवल दर्शकों बल्कि जूरी सदस्यों को भी प्रभावित किया।
दसवीं वर्षगांठ पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल प्रतिभाओं को मंच देने का माध्यम बना, बल्कि समाज में एकता, संस्कृति और सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ करता दिखा। मुज़फ्फरनगर के युवाओं और समाजसेवियों की सहभागिता ने यह साबित किया कि मेरा शहर मेरा सम्मान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि शहर की पहचान और गौरव का उत्सव है।

















