मुजफ्फरनगर में 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कलेक्ट्रेट परिसर में ध्वजारोहण कर राष्ट्रगान किया। इस दौरान उन्होंने सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का क्षण है कि आज हम स्वतंत्र भारत में खुली सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमें उन महापुरुषों और अमर शहीदों को कभी नहीं भूलना चाहिए, जिनके बलिदान और त्याग के कारण हमें आजादी मिली है। हर नागरिक और पदाधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और सच्चाई से करना चाहिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह हमें न केवल स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाता है, बल्कि यह भी सिखाता है कि स्वतंत्रता को बनाए रखने के लिए हमें अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करना होगा।उन्होंने कहा कि हम बेहद सौभाग्यशाली हैं कि इस 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हमें देश के वीर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और स्वतंत्रता के बाद देश को ऊंचाइयों पर पहुंचाने वाली महान विभूतियों को नमन करने का अवसर मिला है। भारत आज राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक विविधता, सामरिक क्षमताओं और वैश्विक शांति के प्रतीक के रूप में पूरी दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता सेनानियों के परिजनों को साल, छाता और मिठाई देकर सम्मानित किया। साथ ही स्कूली छात्राओं को स्कूल बैग देकर पुरस्कृत भी किया।जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से कहा कि वे अपने पद की गरिमा को बनाए रखते हुए आम जनता की समस्याओं का समय पर और ईमानदारी से समाधान करें। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे पूर्वजों ने देश की आजादी के लिए जो कुर्बानियां दी हैं, उन्हें भुलाया नहीं जा सकता और आने वाली पीढ़ी को भी इसकी जानकारी होनी चाहिए।कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट प्रांगण में वृक्षारोपण किया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेन्द्र कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पंकज कुमार राठौर, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सहित कलेक्ट्रेट के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व और अन्य अधिकारियों ने भी स्वतंत्रता दिवस पर अपने विचार व्यक्त किए। पूरा माहौल देशभक्ति और उत्साह से ओतप्रोत रहा, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम की गाथाएं और राष्ट्रप्रेम की भावना सभी के दिलों में झलक रही थी।















