अवैध औद्योगिक निर्माण पर मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई, स्थल सील

मुजफ्फरनगर। विकास प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माणों पर लगातार शिकंजा कसा जा रहा है। इसी क्रम में को जोन-3, थाना नई मंडी क्षेत्र में एक बड़ी कार्रवाई की गई। मंडलायुक्त सहारनपुर मंडल सहारनपुर की प्रेरणा तथा मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कविता मीना के आदेशों के अनुपालन में प्राधिकरण की टीम ने ग्राम मखियाली-चौदपुर स्थित अवैध औद्योगिक निर्माण को सील कर दिया। यह निर्माण कार्य रूद्रा वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जा रहा था, जिसके निदेशक हरपाल सिंह चावला बताए जाते हैं। जानकारी के अनुसार, खसरा नंबर 539/03 पर लगभग 5000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में औद्योगिक भवन विकसित किया गया था। प्राधिकरण द्वारा इस स्थल के संबंध में पहले ही कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे, जिसमें चालानी कार्यवाही भी की गई थी। यहां तक कि सील करने का आदेश भी पहले ही निर्गत किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद अवैध निर्माण को न तो रोका गया और न ही हटाया गया।

प्राधिकरण की इस कार्रवाई को अवैध निर्माणकर्ताओं के खिलाफ एक सख्त कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसे निर्माण न केवल कानून का उल्लंघन हैं, बल्कि क्षेत्र की व्यवस्थित विकास योजनाओं में भी बाधा उत्पन्न करते हैं। लंबे समय से इस औद्योगिक निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं, जिस पर जांच के बाद पाया गया कि निर्माण बिना स्वीकृति एवं नियमों का पालन किए किया गया है।

आज दिनांक 26 अगस्त 2025 को प्राधिकरण टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरे औद्योगिक भवन को सील करने की कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता, अवर अभियंता सहित प्राधिकरण के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए संबंधित थाने का पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई को शांतिपूर्वक अंजाम दिया गया।

सूत्रों के अनुसार, प्राधिकरण की ओर से पूर्व में कई बार चेतावनी दी गई थी कि अवैध निर्माण को तुरंत हटाया जाए, अन्यथा कठोर कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके निर्माणकर्ता द्वारा अवैध निर्माण जारी रखा गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी हाल में इस प्रकार की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस प्रकार की कार्रवाई से उन बिल्डरों और उद्योगपतियों को भी संदेश मिलेगा जो बिना स्वीकृति निर्माण कर रहे हैं। प्राधिकरण ने यह भी संकेत दिए हैं कि भविष्य में इस तरह के अवैध निर्माण स्थलों की नियमित जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

प्राधिकरण की यह सख्ती इस बात का सबूत है कि अब नियमों के खिलाफ जाकर किए जाने वाले निर्माण पर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। इस कार्रवाई के बाद जिले में अन्य अवैध निर्माणकर्ताओं में भी हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय प्रशासन और प्राधिकरण की ओर से कहा गया है कि विकास की योजनाओं को सुव्यवस्थित रखने और शहर को बेहतर स्वरूप देने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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