महिला महाविद्यालय में बुरका पहनकर आ सकेंगी मुस्लिम छात्राएं, कक्षाओं में अनिवार्य रहेगा यूनिफॉर्म

बांदा। महिला महाविद्यालय में प्राचार्य दीपाली गुप्ता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें मुख्य शास्ता डॉ. सबीहा रहमानी सहित शास्ता मंडल के सभी सदस्य व प्राध्यापक मौजूद रहे। बैठक में वर्तमान सत्र की प्रवेश प्रक्रिया, अनुशासन, यूनिफॉर्म और उपस्थिति से जुड़े विषयों पर निर्णय लिए गए।

महाविद्यालय में बीए, बीएससी व एमए की द्वितीय, तृतीय वर्ष और समेस्टर कक्षाओं में प्रवेश की प्रक्रिया जारी है। शासन के निर्देशानुसार महाविद्यालय में अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने के लिए सफेद सूट और मैरून दुपट्टे वाला यूनिफॉर्म कोड अनिवार्य किया गया है। जो छात्राएं धार्मिक आधार पर हिजाब पहनती हैं, वे सफेद या मैरून हिजाब के साथ निर्धारित यूनिफॉर्म पहन सकती हैं।

मुस्लिम छात्राओं को बुरका या नकाब पहनकर घर से महाविद्यालय तक आने की अनुमति दी गई है, लेकिन महाविद्यालय परिसर में प्रवेश के बाद उन्हें निर्धारित यूनिफॉर्म और हिजाब पहनना आवश्यक होगा। कक्षा में बैठने से पहले बुरका हटाकर यूनिफॉर्म धारण करना अनिवार्य होगा।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यूनिफॉर्म को लेकर बार-बार सूचित करने के बावजूद यदि कोई छात्रा इसका पालन नहीं करती, तो पहले उसे चेतावनी दी जाएगी, फिर अर्थदंड और अंततः अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कक्षाएं अगस्त के पहले सप्ताह से आरंभ होने की संभावना है। छात्राओं के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रहेगी। सूचना देने के लिए महाविद्यालय में प्रतिदिन सूचना पटल पर सभी आवश्यक सूचनाएं चस्पा की जाती हैं। इसलिए छात्राओं को नियमित रूप से उपस्थित होकर सूचनाओं का स्वयं अवलोकन करना होगा। केवल शासन द्वारा निर्देशित आकस्मिक सूचनाएं ही आवश्यकता पड़ने पर ऑनलाइन माध्यम से दी जाएंगी।

लाइव विडियो
विज्ञापन
क्रिकेट स्कोर
राशिफल
DELHI Weather
Recent Posts