पैसे गंदे नहीं होते, मैंने PAK को दान दिया…एपस्टीन का पहला इंटरव्यू.

कुख्यात यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन का आखिरी इंटरव्यू भी अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से जारी कर दी गई है. इस इंटरव्यू में एपस्टीन ने खुद के बारे में कई खुलासे किए हैं. एपस्टीन के मुताबिक गंदे तरीके से कमाए गए पैसों को पवित्र करने के लिए वो दान करता था. एपस्टीन पाकिस्तान जैसे गरीब देशों को पोलियो फंड के लिए खूब दान देता था. उसका मानना था कि अगर आप पैसों को दान कर देते हैं तो वो गलत कमाई नहीं रह जाता है.एपस्टीन ने इस इंटरव्यू में यह भी कहा था कि नैतिकता का बोझ मैं नहीं ढो सकता हूं. मैं जैसा हूं, वैसा ही रहना चाहता हूं. साल 2019 में एपस्टीन की मौत हो गई थी. 7 साल बाद उसके नाम से जारी एपस्टीन फाइल्स ने अमेरिका, ब्रिटेन जैसे कई बड़े देशों में हलचल मचा दी है.

गेट्स फाउंडेशन के जरिए दान

एपस्टीन फाइल्स के मुताबिक जेफरी ने संभवत: पोलियो फंड के लिए गेट्स फाउंडेशन की मदद ली थी. दरअसल, जो दस्तावेज लीक हुए हैं, उसमें जेफरी बिल गेट्स से पोलियो फंड पर बात कर रहे हैं. जेफरी फंड को पाकिस्तान और नाइजिरिया जैसे देशों को देने की बात कर रहे हैं.इतना ही नहीं, एक मेल में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान में पोलियो पिलाने वाले कर्मचारियों को गोली मारी जा रही है. ऐसे में फंड का उपयोग कैसे किया जा सकेगा?

पैसे गंदे नहीं होते हैं- एपस्टीन

एपस्टीन से पूछा जाता है कि क्या वे खुद को शैतान मानते हैं? इस पर उनका कहना था कि मुझे लोग कुछ भी कहे, मैं इस पर कोई रिएक्शन नहीं देता हूं. पैसों को लेकर भी एपस्टीन ने टिप्पणी की थी. एपस्टीन का कहना था कि मैं पैसे को गंदा नहीं मानता हूं, क्योंकि यह मेरे पास है.जेफरी एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों को बेचने और खरीदने का आरोप था. इन लड़कियों के साथ बड़े और अभिजात वर्ग के लोग यौन उत्पीड़न करते थे. जेफरी एपस्टीन का नेटवर्क अमेरिका और यूरोप तक फैला हुआ था.

कौन था जेफरी एपस्टीन?

जेफरी एपस्टीन का जन्म अमेरिका में हुआ था. उसका पालन पोषण न्यूयॉर्क शहर में हुआ था. शुरुआती पढ़ाई-लिखाई के बाद जेफरी ने शेयर बाजार में एक कंपनी बनाई. 1982 में इस कंपनी जे. एपस्टीन एंड कंपनी की स्थापना कर ली. कहा जाता है कि इसी दौरान जेफरी ने बड़े लोगों से संपर्क स्थापित किए. साल 2002 में डोनाल्ड ट्रंप ने जेफरी को एक शानदार इंसान बताया था.जेफरी की दोस्ती डोनाल्ड ट्रंप, माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स, ब्रिटेन के पूर्व प्रिंस एंड्रयू विंडरसन जैसे लोगों से थी. इसी दोस्ती के जरिए एपस्टीन अपना नेटवर्क संचलित करता था.2019 में एपस्टीन की जेल में मौत हो गई. इसके कुछ साल बाद एपस्टीन का विवाद अमेरिका में तूल पकड़ लिया, जिसके बाद एपस्टीन फाइल्स जारी की गई है. इस फाइल्स के आने के बाद यूरोप और अमेरिका में हलचल मची हुई है.

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