मुजफ्फरनगर में मिशन शक्ति 5.0 और साइबर अपराध जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

मुजफ्फरनगर के भारत आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं रिसर्च सेंटर में मिशन शक्ति 5.0 और साइबर अपराधों के प्रति जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिलाओं और बालिकाओं में सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन, सशक्तिकरण और विश्वास का वातावरण बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के अंतर्गत थाना छपार और थाना पुरकाजी पुलिस के संयुक्त सहयोग से कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंदारकर, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, पुलिस अधीक्षक अपराध और नोडल अधिकारी इंदु सिद्धार्थ, क्षेत्राधिकारी सदर डॉ. रवि शंकर मिश्रा, क्षेत्राधिकारी फुगाना रुपाली राव, क्षेत्राधिकारी यातायात ऋषिका सिंह, थानाध्यक्ष छपार मोहित कुमार और थानाध्यक्ष पुरकाजी जयवीर सिंह सहित अन्य पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कॉलेज के उपाध्यक्ष, प्रबंधक, प्रधानाध्यापक, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कॉलेज प्रबंधन द्वारा सभी अतिथियों को प्रतीक चिन्ह और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में महिला सशक्तिकरण पर बोलते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब समाज की हर महिला स्वयं को सुरक्षित, सम्मानित और आत्मनिर्भर महसूस करे। मिशन शक्ति अभियान इसी दिशा में शासन की एक प्रभावी पहल है। मिशन शक्ति टीम और पुलिस अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, आपातकालीन सेवा 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, साइबर हेल्पलाइन 1930 और महिला उत्पीड़न हेल्पलाइन 181 सहित कई महत्वपूर्ण नंबरों की जानकारी दी और इनका सदुपयोग करने के लिए प्रेरित किया।

साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं, इसलिए हर नागरिक, विशेषकर युवाओं को सतर्क रहना चाहिए। किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या सोशल मीडिया अकाउंट पर भरोसा न करें। उन्होंने कहा कि सतर्क रहना ही सुरक्षा की सबसे बड़ी कुंजी है। ऑनलाइन ठगी, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग स्कैम, फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और डिजिटल अरेस्ट जैसे मामलों से बचने के लिए जागरूकता आवश्यक है।

साइबर पुलिस टीम ने उपस्थित सभी को विभिन्न साइबर अपराधों — जैसे ऑनलाइन फ्रॉड, सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग, फिशिंग, इंस्टाग्राम फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग और एपीके फाइल से जुड़े खतरों — के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टीम ने बताया कि बचाव के लिए मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें, अनजान लिंक पर क्लिक न करें, व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें, ओटीपी साझा न करें और किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश से सतर्क रहें। टीम ने विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर होने वाले फर्जी कॉल से लोगों को सतर्क किया। बताया गया कि पुलिस कभी किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही इसके लिए वीडियो कॉल करती है। यदि ऐसा कोई व्यक्ति ऐसा करने का प्रयास करे तो तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों को मिशन शक्ति और साइबर जागरूकता अभियान को सफल बनाने की शपथ दिलाई गई। इस आयोजन ने न केवल महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया, बल्कि युवाओं को डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए जागरूक भी किया।

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