मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इजराइल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभियान के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इस बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि उसने इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के कार्यालय और इजराइली वायु सेना कमांडर के ठिकाने को निशाना बनाया है। आईआरजीसी के अनुसार यह हमला बैलिस्टिक मिसाइलों की दसवीं लहर के दौरान ‘खैबर शेकान’ मिसाइलों से किया गया। ईरानी पक्ष का कहना है कि हमले के बाद नेतन्याहू की स्थिति स्पष्ट नहीं है, हालांकि इजराइल की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिकी-इजराइली संयुक्त अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की हत्या की खबरों के बाद क्षेत्र में तनाव और भड़क गया है। ईरान ने इसे सीधा हमला करार देते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी है। तेहरान और उसके सहयोगी गुटों ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद इजराइली शहरों और अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले तेज कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटनाएं पूरे मिडिल ईस्ट को व्यापक युद्ध की ओर धकेल सकती हैं। क्षेत्रीय देशों ने भी चिंता जताई है और संयम बरतने की अपील की है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय स्थिति पर नजर बनाए हुए है, लेकिन लगातार हो रहे हमलों से हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। दोनों पक्षों के दावों और जवाबी कार्रवाई के बीच आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा हो गई है।















