मुज़फ्फरनगर। कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश से प्राप्त निर्देशों के अंतर्गत जिलाधिकारी मुज़फ्फरनगर के आदेशों का अनुपालन करते हुए विकास भवन सभागार में कृषि यंत्रों पर अनुदान हेतु ऑनलाइन आवेदन करने वाले किसानों के चयन के लिए ई-लॉटरी का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस प्रक्रिया की अध्यक्षता परियोजना निदेशक एवं जिला ग्राम्य विकास अधिकारी दिग्विजय नाथ तिवारी ने की। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, बैंक प्रतिनिधि तथा जनपद के सम्मानित किसान भी उपस्थित रहे।
कृषि यांत्रिकीकरण को बढ़ावा देने और किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कृषि यंत्रों पर अनुदान दिए जाने की योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत किसानों द्वारा रोटावेटर, हैरो, लेजर लैंड लेवलर, सुपर सीडर, किसान ड्रोन, चाफ कटर और कस्टम हायरिंग सेंटर आदि के लिए ऑनलाइन बुकिंग की गई थी। प्राप्त आवेदनों के मद्देनज़र जनपद में ई-लॉटरी प्रक्रिया अपनाई गई ताकि चयन पूर्णतः पारदर्शी, निष्पक्ष और स्वचालित हो सके।
जनपद मुज़फ्फरनगर में आयोजित ई-लॉटरी के माध्यम से कस्टम हायरिंग सेंटर के 13, किसान ड्रोन के 1, हैरो के 1, रोटावेटर के 2, लेजर लैंड लेवलर के 1, चाफ कटर के 1 तथा सुपर सीडर के 1 किसान का ऑनलाइन चयन किया गया। चयन एवं प्रतीक्षा सूची से संबंधित जानकारी स्वतः ही किसानों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के रूप में भेज दी गई है।
चयनित किसानों को निर्धारित समयावधि के भीतर कृषि दर्शन पोर्टल (https://agridarshan.up.gov.in) पर अनुदान हेतु आवश्यक बिल एवं संबंधित दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है। यदि कोई चयनित किसान निर्धारित समय सीमा में बिल अपलोड नहीं करता है, तो उसकी जगह प्रतीक्षा सूची में दर्ज किसान का स्वचालित चयन कर लिया जाएगा। यह व्यवस्था प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और सभी पात्र किसानों को समान अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है।
ई-लॉटरी के दौरान कृषि विभाग के कई महत्वपूर्ण अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिनमें उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला गन्ना अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी के प्रतिनिधि तथा अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक और पीएनबी के प्रतिनिधि शामिल थे। सभी अधिकारियों ने लॉटरी प्रक्रिया की संपूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने में सहयोग दिया।
कृषि विभाग ने यह भी बताया कि जिन चयनित किसानों को दस्तावेज अपलोड करने अथवा अन्य किसी प्रक्रिया में कोई समस्या आती है, वे उप कृषि निदेशक कार्यालय, मुज़फ्फरनगर से सीधा संपर्क कर समाधान प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे निर्धारित समय सीमा में आवश्यक दस्तावेज अपलोड कर अनुदान प्रक्रिया का लाभ अवश्य उठाएं।
ई-लॉटरी प्रक्रिया ने कृषि यंत्र अनुदान वितरण में पारदर्शिता, त्वरितता और उत्तरदायित्व का नया मानक स्थापित किया है, जिससे जिले के किसानों को आधुनिक कृषि उपकरणों का उपयोग करने में बड़ी सुविधा मिलेगी।
















