मुजफ्फरनगर। जनपद के जड़ौदा स्थित होली चाइल्ड पब्लिक इंटर कॉलेज परिसर में मानव कल्याण, पारिवारिक सुख-शांति एवं सामाजिक सद्भाव की कामना के साथ वैदिक यज्ञ का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासियों ने भाग लेकर यज्ञ में आहुति दी और समाज तथा राष्ट्र की उन्नति के लिए प्रार्थना की। यज्ञ के यज्ञब्रह्मा स्वामी तेजेस्वरानन्द रहे, जबकि अनिल शास्त्री और सुरेन्द्र आचार्य ने पुरोहित के रूप में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ संपन्न कराया। यज्ञवान के रूप में कृषिपाल सिंह, मुनेश देवी, देवेन्द्र दहिया और सुचिता दहिया ने यज्ञ में प्रमुख भूमिका निभाई। कार्यक्रम में जड़ौदा, लच्छैड़ा, मोलाहेड़ी, नरा, वहलना तथा मुजफ्फरनगर शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वामी तेजेस्वरानन्द ने अपने संबोधन में कहा कि परमात्मा की आज्ञाओं का पालन करना ही सच्ची भक्ति है और मनुष्य के गृहस्थ जीवन में पंचमहायज्ञों का विशेष महत्व बताया गया है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गृहस्थ को प्रतिदिन ब्रह्म यज्ञ, देव यज्ञ, पितृ यज्ञ, अतिथि यज्ञ और बलि वैश्वदेव यज्ञ का पालन करना चाहिए। उन्होंने बताया कि ब्रह्म यज्ञ के अंतर्गत वेदों और शास्त्रों का अध्ययन-अध्यापन तथा ज्ञान का प्रसार किया जाता है। देव यज्ञ में ईश्वर की उपासना, यज्ञ-हवन, प्रार्थना और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की जाती है। पितृ यज्ञ के माध्यम से माता-पिता, गुरुजनों और पूर्वजों का सम्मान एवं सेवा की जाती है। अतिथि यज्ञ में घर आए अतिथि का सत्कार और सहायता करना शामिल है, जबकि बलि वैश्वदेव यज्ञ के अंतर्गत पशु-पक्षियों, जरूरतमंदों और अन्य प्राणियों के प्रति दया और सेवा का भाव रखते हुए अन्न आदि की व्यवस्था की जाती है।
उन्होंने कहा कि पंचमहायज्ञों के पालन से व्यक्ति, परिवार और समाज में संस्कार, सद्भाव, कर्तव्यनिष्ठा तथा आध्यात्मिक उन्नति का विकास होता है। उन्होंने लोगों से जप, तप, ध्यान, उपासना और सत्संग के माध्यम से जीवन को सकारात्मक दिशा देने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने कहा कि जिन कर्मों का फल इसी जन्म में सुख के रूप में प्राप्त होता है, वे कर्म मनुष्य को निरंतर करते रहना चाहिए। उन्होंने विद्वानों, ऋषि-महर्षियों और इंद्रियों पर नियंत्रण रखने वाले संतों के सत्संग और सेवा को जीवन की उन्नति का आधार बताया।
कार्यक्रम के दौरान असाध्य एवं जटिल रोगों के उपचार के लिए एक्यूप्रेशर एवं प्राकृतिक चिकित्सा निःशुल्क शिविर का भी शुभारंभ किया गया। प्राकृतिक चिकित्सक डॉ. ऋषभ गुप्ता ने शिविर में कमर दर्द, साइटिका, डिप्रेशन, डायबिटीज, थायराइड, एसिडिटी सहित विभिन्न रोगों से पीड़ित लोगों का परीक्षण कर उन्हें उपचार एवं स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिया। यज्ञ एवं चिकित्सा शिविर में मास्टर विजय सिंह, जीत सिंह तोमर, संसार सिंह, आर्यनराज कौशिक, श्रद्धापाल सिंह, जशवीर सिंह, महेशपाल सिंह, कैप्टन प्रवीन चौधरी, सुघोष आर्य, नीरज बालियान, आजाद सिंह, अंकुर दहिया, कर्मवीर सिंह, मांगेराम, बिजेन्द्र दहिया, कैलाश प्रजापति, रामपाल, शिवकुमार शर्मा, प्रमोद कुमार आचार्य, संजय गोयल, शशिकांत मित्तल, राकेश धीमान, वेगमित्र भगत, अरविन्द प्रधान और मोनू प्रधान सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन विश्व कल्याण और समाज में सुख-शांति की मंगलकामना के साथ हुआ।
















