मुजफ्फरनगर में भारतीय किसान मजदूर संयुक्त मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी शाह आलम की अगुवाई में संयुक्त किसान क्रांति मोर्चा की बैठक प्रदेश कार्यालय मीनाक्षी चौक पर संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता चौधरी विजेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन एडवोकेट फरमान त्यागी ने किया। दिल्ली कृषि कानून आंदोलन के दौरान बने संयुक्त किसान मोर्चे के बाद, एक बार फिर से देशभर के दर्जनों किसान संगठनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संयुक्त किसान क्रांति मोर्चा (SKKM) का गठन किया है। इसी क्रम में मोर्चे की दूसरी बैठक पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर में आयोजित हुई, जिसमें दिल्ली, उत्तराखंड और अन्य प्रदेशों के किसान संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्षों ने हिस्सा लिया।

बैठक में तीन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की गई। पहला, उत्तराखंड में लागू किए जा रहे यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) का विरोध किया गया। दूसरा, चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग करते हुए EVM को बंद कर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की आवश्यकता जताई गई। तीसरा, उत्तर प्रदेश के विभाजन कर पश्चिमी उत्तर प्रदेश को एक अलग राज्य बनाने की मांग उठाई गई। बैठक की अध्यक्षता कर रहे चौधरी शाह आलम ने संगठन के विस्तार और किसानों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त किसान क्रांति मोर्चा के बैनर तले दिल्ली में एक बड़े आंदोलन की घोषणा की।















