कोलकाता में चल रहे जूनियर डॉक्टरों के आंदोलन ने बड़ा मोड़ ले लिया है, जिसमें वे राज्य सरकार और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ सफल बातचीत न हो पाने के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं। यह आंदोलन नौ अगस्त को आरजी कर मेडिकल कॉलेज की एक ट्रेनी डॉक्टर की कथित रेप और मर्डर की घटना के बाद शुरू हुआ था, जिसमें डॉक्टर न्याय की मांग कर रहे हैं।
डॉक्टरों और राज्य सरकार के बीच बातचीत के प्रयास लगातार विफल हो रहे हैं, और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के लोगों से माफी मांगते हुए इस्तीफा देने की पेशकश भी की थी। इसके बावजूद जूनियर डॉक्टरों का आंदोलन जारी है, और उन्होंने चेतावनी दी है कि वे अगले 33 दिनों तक और भी प्रदर्शन करेंगे।
जूनियर डॉक्टरों ने अपने पत्र के माध्यम से राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से हस्तक्षेप की मांग की है। वे राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सुरक्षा की स्थिति और डॉक्टरों पर हमलों के बारे में अपनी चिंताओं को उजागर कर रहे हैं।
वरिष्ठ वकील विकासरंजन भट्टाचार्य का मानना है कि यह मामला जनहित से जुड़ा हुआ है और इसका समाधान राज्य सरकार को करना चाहिए।















