गाजियाबाद में CISF कॉन्स्टेबल और पत्नी के हत्यारे को उम्रकैद, साढू को था जीजा-साली के बीच अवैध संबंध का शक

गाजियाबाद केइंदिरापुरम स्थित सीआईएसएफ कैंप में कॉन्स्टेबल और उनकी पत्नी के हत्यारे को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-दो हीरालाल की अदालत ने आजीवन कैद की सजा सुनाई है। अभियुक्त पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।मामले के मुख्य आरोपी और मृतक के साढू ने गिरफ्तारी के बाद हवालात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।

जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ममता गौतम ने बताया कि मीठापुर एक्सटेंशन दिल्ली निवासी रामनिवास शर्मा ने दिनांक 24 अप्रैल 2013 को पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सुरेश कुमार शर्मा सीआईएसएफ में कॉन्स्टेबल थे। वर्ष 2013 में उनकी तैनाती इंदिरापुरम स्थित सीआईएसएफ कैंप परिसर में थी। सुरेश का साढू विनीत अपराधी था

हत्या के एक मामले में जेल जाने के दौरान उसकी पत्नी जीजा सुरेश कुमार शर्मा के यहां रही थी। जेल से छूटने के बाद विनीत को दोनों के अवैध संबंध का शक था। इसीलिए उसने हत्या और लूट की योजना बनाकर दोस्त नरेंद्र सिंह के साथ मिलकर डबल मर्डर की वारदात को अंजाम दिया। साजिश के तहत 21 अप्रैल 2013 की रात विनीत और नरेंद्र सिंह, सुरेश कुमार शर्मा के साथ उनके स्टाफ क्वार्टर पर पहुंचे। विनीत व नरेंद्र सिंह ने सुरेश कुमार शर्मा और उनकी पत्नी बबली के हाथ पैर बांधकर हत्या कर दी और जेवर व बाइक लूटकर ले गए।

कॉन्स्टेबल के भाई की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर सुरेश के साढू विनीत और नरेंद्र सिंह को 27 अप्रैल 2013 में गिरफ्तार कर लिा था। इसके बाद 28 अप्रैल 2013 की रात विनीत ने इंदिरापुरम थाने के शौचालय में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।हत्या के मामले में तीन दोषियों को सजा सुनाई

वहीं, गाजियाबाद में हीशराब पीने के दौरान हुई झगड़े में हुई युवक की हत्या के मामले में अदालत ने तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।11 अगस्त 2017 को भूनिया पट्टी निवाड़ी निवासी योगेश अपने साथी अतुल त्यागी, ओमवीर जाटव और विनोद पंडित के साथ घर से घूमने के लिए निकला था। काफी देर तक घर न आने पर उनके पिता अशोक त्यागी गांव के चौराहे पर पहुंचे तो योगेश के तीन दोस्त मिले। पूछने पर उन्होंने बताया कि योगेश घर चला गया लेकिन वह नहीं पहुंचा। अगले दिन शराब के ठेके के पास योगेश की सिर कटी लाश मिली। जिसके बाद योगेश के भाई राजीव ने अतुल त्यागी, ओमवीर जाटव और विनोद पंडित के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि घर से निकलने के बाद चारों से शराब पी। इसी दौरान किसी बात को लेकर चारों में झगड़ा हो गया। जिसके बाद ओमवीर, अतुल त्यागी और विनोद पंडित ने गुस्से में आकर योगेश की हत्या कर दी।

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