मुज़फ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले में पिछले एक हफ्ते से तेंदुए का आतंक ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता बना हुआ है। चरथावल थाना क्षेत्र के रोहनी, हरजीपुर और आसपास के कई गांवों में तेंदुए के देखे जाने की घटनाएँ लगातार सामने आ रही हैं। खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए यह स्थिति बेहद डरावनी बन गई है। आमतौर पर अकेले खेतों में जाने वाले किसान अब समूह बनाकर जाते हैं और सुरक्षा के लिए लाठी-डंडों का सहारा ले रहे हैं। ग्रामीण बताते हैं कि शाम ढलने के बाद वे अपने घरों से बाहर निकलने से भी कतराने लगे हैं, क्योंकि तेंदुआ अक्सर रात के अंधेरे में सक्रिय हो जाता है।वन विभाग को तेंदुए की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही टीमों को तुरंत अलर्ट पर कर दिया गया। विभाग ने इलाके की घेराबंदी की, जंगल से सटे खेतों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया और तीन अलग-अलग स्थानों पर मजबूत पिंजरे भी लगाए गए हैं। इन पिंजरों में चारा बांधकर हर सुबह उसकी जांच की जाती है, लेकिन अब तक तेंदुआ उनमें फँस नहीं पाया है। ग्रामीणों द्वारा रात में बनाए गए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिनमें तेंदुआ खेतों, पगडंडियों और सड़कों के किनारे घूमता दिखाई दे रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत बढ़ती जा रही है।रोहनी गांव के किसान रामा ने बताया कि वे अपने खेत में छोलाई की फसल देखने गए थे, तभी अचानक झाड़ियों से तेंदुआ निकलकर दूसरी ओर भागता दिखाई दिया। कुछ देर बाद वह उनकी दिशा में बढ़ने लगा, जिससे डरकर वे तुरंत खेत छोड़कर अपनी बग्गी पर सवार हो गए। उनके साथ मौजूद मजदूर भी दहशत में आ गए और काम बीच में ही रोकना पड़ा। रामा का कहना है कि इस घटना के बाद खेत में अकेले जाना तो दूर, दिन में भी सावधानी बरतना आवश्यक हो गया है।इसी तरह गांव के एक अन्य कृषक राजीव कुमार का कहना है कि वन विभाग की टीमें लगातार इलाके की निगरानी कर रही हैं, लेकिन तेंदुआ काफी सतर्क और तेज़ है। पंजों के ताजा निशान कई स्थानों पर मिले हैं, लेकिन इससे यह पता नहीं चल पा रहा कि तेंदुआ नर है या मादा। हालांकि, निशानों की गहराई और आकार से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि संभवतः एक ही तेंदुआ इन सभी क्षेत्रों में घूम रहा है। विभाग का कहना है कि तेंदुए की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और उसके सुरक्षित रेस्क्यू के लिए सभी उपाय किए जा रहे हैं।फिलहाल ग्रामीणों से अपील की जा रही है कि वे अंधेरा होने पर खुले में न जाएं, बच्चों को अकेले खेत या रास्तों की ओर न भेजें और किसी भी संदिग्ध हरकत की तुरंत वन विभाग को सूचना दें। जैसे ही तेंदुआ पकड़ा जाएगा, विभाग इसकी आधिकारिक पुष्टि करेगा। स्थानीय निवासी उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही यह खतरा टल जाएगा और जीवन फिर सामान्य हो सकेगा।















