मुजफ्फरनगर के एस. डी. इंजीनियरिंग कॉलेज, जानसठ रोड पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार के निर्देशन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ अपार जिला न्यायाधीश एवं प्राधिकरण सचिव रीतिश सचदेवा, मिशन शक्ति की कोऑर्डिनेटर बीना शर्मा, एक्सेस टू जस्टिस प्रोजेक्ट के लीडर गजेंद्र सिंह तथा कॉलेज निदेशक द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
मुख्य अतिथि ने छात्राओं को विधिक जानकारी देते हुए उनके अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक किया और समाज में बढ़ते अपराधों के खिलाफ सजग रहने की अपील की। विशिष्ट अतिथि बीना शर्मा ने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन नंबर 1090, पुलिस सहायता 112, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के बारे में जानकारी दी और यौन उत्पीड़न, घरेलू हिंसा जैसे विषयों पर जागरूक किया।
गजेंद्र सिंह ने अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह के दुष्परिणामों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका या 21 वर्ष से कम आयु के बालक की शादी करवाना कानूनन अपराध है, जिसमें दो साल की सजा और दो लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है।
शिविर के अंत में बालिकाओं को बाल विवाह मुक्त भारत की शपथ दिलाई गई और बाल विवाह की सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 व पुलिस हेल्पलाइन 112 पर देने की अपील की गई।
विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रगति शर्मा ने सभी अतिथियों को विद्यालय प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया और इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन की निरंतरता की बात कही। कार्यक्रम को सफल बनाने में मानव तस्करी विरोधी इकाई, थाना प्रभारी, पैरालीगल वॉलंटियर एवं विद्यालय के शिक्षकगण शामिल रहे।















