मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण से प्राप्त कैलेंडर के अनुसार जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मुजफ्फरनगर के निर्देशन में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / सचिव द्वारा जिला कारागार की पाकशाला, अस्पताल एवं पुरुष बैरकों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के उपरांत दोषसिद्ध बंदियों के हित में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
शिविर के दौरान बंदियों को उनके संवैधानिक और विधिक अधिकारों की जानकारी दी गई तथा उन्हें विधिक रूप से सजग रहने हेतु प्रेरित किया गया। बंदियों से उनकी समस्याएं भी सुनी गईं और यह जानकारी दी गई कि उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने में यदि कोई कानूनी अड़चन हो तो वे अधीक्षक जेल के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से संपर्क कर सकते हैं।
कारागार अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि ऐसे बंदियों की सूची तैयार कर प्राधिकरण को भेजें जिनके प्रकरण ई-जेल लोक अदालत या जेल लोक अदालत के माध्यम से निस्तारित हो सकते हैं, ताकि शीघ्र न्याय दिलाया जा सके। साथ ही, जिन बंदियों की जमानत याचिकाएं अधीनस्थ न्यायालयों द्वारा स्वीकार की जा चुकी हैं, उन्हें विधिक सहायता भी प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त यह जानकारी दी गई कि आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन 10 मई 2025 (द्वितीय शनिवार) को दीवानी न्यायालय परिसर मुजफ्फरनगर, बाह्य न्यायालय बुढाना, ग्राम न्यायालय जानसठ, ग्राम न्यायालय खतौली एवं कलक्ट्रेट मुजफ्फरनगर में किया जाएगा। इसमें आपराधिक वाद, 138 एन.आई. एक्ट, बैंक ऋण वसूली, मोटर दुर्घटना प्रतिकर याचिकाएं, टेलीफोन, बिजली-पानी के बिल, वैवाहिक विवाद, भूमि अधिग्रहण, राजस्व वाद सहित अन्य वादों का निस्तारण किया जाएगा।















